https://uthisthkountaye.blogspot.com/?m=1
सोमवार, 24 अक्टूबर 2022
शुक्रवार, 29 जून 2018
सिकुलर सोच
एल आर गाँधी
इण्डिया के सभी सिकुलर खामोश थे बिलकुल बापू की माफिक ..... बापू के देस में ५६ कारसेवक जाहिर है ...हे राम ! को मानने वाले हिन्दू ! ट्रेन के डिब्बों में जला कर मार डाले ! हिन्दू ने तो जलना ही था जिन्दा जले या मुर्दा क्या फर्क पड़ता है ! सभी सिकुलर भी इसी लिए चुप थे कि हिन्दू की धार्मिक आस्था ...जलने की नियति को तो कोई आघात नहीं पहुँचाया गया !
यकायक सिकुलर समाज में कोहराम मच गया ! जब चंद कमियुनक हिन्दुओं ने मुस्लिम 'भाइयों 'को मार कर जलाना शुरू कर दिया ...सिकुलरों का कोहराम ' मारने ' पर कतई नहीं था ! अरे मुस्लिम को जलाना ... 'लाहौलविलाकूवत 'यह तो मुस्लिम भाईओं की मज़हबी आस्था पर 'प्रहार ' हुआ न ..... दफनाते तो बात और थी।
एक महा सैकुलर खबरी 'रविश ' ने तो विलाप करते करते अपनी घडी ही तोड़ डाली .... महान सैकुलर श्री श्री राज दीप जी सरदेसाई जी की तो घिघि ही बंध गई ! गोधरा के घर घर जा कर पूरी तफ्सील से काफिर हिन्दुओं की करतूत बयान की ! और तो और सरजी ने सरे आम ऐलान कर दिया कि जब तक एक हज़ार 'काफिरो ' को जलाया नहीं जाएगा तब तक वो अपनी कलम से केवल कलमा ही लिखेंगे !
इसे कहते हैं महात्मा गाँधी उर्फ़ बापू वाला सिकुलरिज़्म ......
सारे हिन्दुस्तान के सिकुलरों ने मोदी हटाओ सिकुलरिज़्म बचाओ की मुहीम इस कदर चलाई कि जन मानस 'मुहीम की ओवर डोज़ ' की उलटी कर बैठा .... मोदी को बापू के गुजरात से हटा कर 'धियासुदीन के वंशजों की ' गद्दी ' दिल्ली पर बैठा दिया।
बुधवार, 2 मई 2018
१३वां प्रदूषित शहर - पटियाला
१३वां प्रदूषित शहर - पटियाला
एल आर गाँधी
शाही शहर , बाग़ों की नगरी , रजवाड़ों की रियासत ..... पटियाला पैग के साथ साथ एक और 'तुरर्रा ' आज पटियालविओं की शान में जुड़ गया है ....... वह है 'प्रदूषित शहर ' का !
एल आर गाँधी
शाही शहर , बाग़ों की नगरी , रजवाड़ों की रियासत ..... पटियाला पैग के साथ साथ एक और 'तुरर्रा ' आज पटियालविओं की शान में जुड़ गया है ....... वह है 'प्रदूषित शहर ' का !
विश्व के १५ अति प्रदूषित नगरों में हमारे १४ नगरों पर यह 'कलंक ' नासिर हुआ है ....और शाही शहर का स्थान तेहरवां है ....संतोष की बात यह है कि हमारे साथ कतार में देश की राजधानी दिल्ली के साथ साथ मोदी जी की पवित्र नगरी वाराणसी उर्फ़ बनारस भी है।
पटियाला को सीएम की सिटी होने का भी गौरव प्राप्त है ..... अक्सर प्रदूषित नगरों में प्रदूषण का मुख्य कारण इंडस्ट्री को माना जाता है ...मगर नाम मात्र भी इंडस्ट्री न होने पर भी पटियालवी प्रदूषण का यह कलंक ' ढो रहे हैं .... पटियाला को देश का पहला 'हैबिटाट 'सिटी होने का भी गौरव प्राप्त है ..... ७० के दशक में छोटे राज कुमार श्री श्री संजय गाँधी जी ने इस योजना का श्री गणेश किया ...केंद्र का करोड़ो रूपया शाही शहर की सेहत संवारने पर खर्च किया गया ....मगर बागों का नगर और भी वीरान हो गया .
फिर वीपी सिंह के दौर में इस शहर पर फिर से केंद्र सरकार मेहरवान हुई ! इस बार इसे ५ काउंटरमैग्नेट ऑफ़ कैपिटल सिटीज़ में से एक चुना गया ... अकूत धन पटियाला की नुहार सधारने पर खर्च हुआ ...नतीजा वही ढाक के तीन पात।
पटियालविओं ने 'पटियाला पैंग ' पी पी के खूब भंगड़े पाए ' जदों साढे महाराजा साहेब पंजाब दे वज़ीर इ आला चुने गए ' ..... सब नूँ एह आस सी कि पटियाला हुन शर्तिया पैरिस बन जू गा ! खैर सात महीने के बाद आखिर इंतज़ार की घड़ियाँ ख़त्म हुए ....महाराजा साहेब पटियाला पधारे और पटियाला की चहुमुखी तरक्की के लिए यक लख्त १००० करोड़ रूपए अलाट कर दिए .......' करप्ट ' कार्पोरेशन के एक कम साठ कार्पोरेट्ज़ की बांछें खिल गयी ..... पटियाला को पैरिस कैसे बनाया जाए की योजना बंदी अभी हो ही रही थी कि डब्ल्यू एच ओ ने पटियालविओं के माथे पर मोस्ट पॉल्यूटेड सिटी का 'कलंक ' चस्पा कर दिया। .......
हम तो समझे थे कि बरसात में बरसे गी शराब
आई बरसात और बरसात ने दिल तोड़ दिया !!!!!!!
गुरुवार, 16 मार्च 2017
राष्ट्र ध्वज फिर से अब्दाली के झंडा शाही के नीचे .... फिर से राष्ट्र ध्वज का अपमान ......
राष्ट्र ध्वज फिर से अब्दाली के झंडा शाही के नीचे ....
फिर से राष्ट्र ध्वज का अपमान ......
राष्ट्र ध्वज को फिर से अहमद शाह अब्दाली के झंडा शाही के इस्लामिक निशाँ (पोल) के नीचे फहरा दिया गया है ..... पांच दशक तक तो राष्ट्र ध्वज इस (पोल) पर ही फैहराता रहा .... किसी भी अफसर ने राष्ट्र ध्वज कोड के विपरीत हो रही अवमानना की ऒर ध्यान नहीं दिया .... जब एक पत्रकार द्वारा राष्ट्र ध्वज अवमानना का मुद्दा उठाया तो थोड़ी चूं -चा के बाद ,ध्वज को किला मुबारक की भीतरी ईमारत पर अलग से 'अब्दाली के पोल' से ऊंचा फहरा दिया गया। मगर सैकुलर शैतानों ने आक्रमणकारी अब्दाली के पोल को विरासत मान कर वहीँ रहने दिया।
अब क्यों कि किला मुबारक का विरासती स्वरुप निखारा जा रहा है तो राष्ट्र ध्वज को फिर से एक छोटे पोल पर फहरा कर अब्दाली के पोल के नीचे लगा दिया गया है
Ministry of home affairs vide its circular dated 19 January 2017 ,directed the concerned authorities throughout the country for the strict compliance of the provisions contained in 'Flag code of India 2002 ,and the prevention of Insult to the National Flag Act 1971 reg.
2.2 .viii) No other flag or bunting should be placed higher than or above or side by side with the National Flag , nor should any object including flowers or garlands or emblem be placed on or above the Flag-mast from which the flag is flown'.
अब्दाली उर्फ़ दुर्रानी कौन था .....
अफ़ग़ान आक्रांता जिसने भारत पर आठ बार हमला किया ..... सिखों के पवित्र स्थान 'हरमंदर साहिब ' को ध्वस्त किया ,हज़ारों सिख जवानों,स्त्रियों ,बूढ़ों व् बच्चों को क़त्ल किया ,जिसे वड्डा घल्लूघारा के नाम से जाना जाता है ..... हिंदुओं के पवित्र स्थान मथुरा ,वृन्दावन व् गोकुल में सैंकड़ों मंदिरों को तोडा ... एक हिन्दू के सर पर अपने सैनिकों के लिए ५/ इनाम रख दिया ... सिर्फ गोकुल में नागा साधुओं ने अब्दाली की सेना से लोहा लिया और तीन हज़ार सैनिक मार गिराए ..... दिल्ली की लूट उस वक्त के ३० करोड़ रूपए आंकी जाती है ..... कीला मुबारक पर चाँद तारा युक्त 'पोल' अब्दाली के झंडा शाही का है जिसे पटियाला रियासत के संस्थापक बाबा आला सिंह की सेवाओं से खुश हो कर अब्दाली ने इनाम दिया था , जिसे किले के प्राचीर पर फैहरा दिया गया .... और आज भी कायम है .....
सोमवार, 17 अक्टूबर 2016
निःशब्द
निःशब्द
एल आर गाँधी
अनादि काल से हम स्वर्गाभिलाषी रहे हैं ...... ऋषि -मुनियों ने वर्षों तपस्या की स्वर्ग की प्राप्ति के लिए। वनों में भटके ,वट वृक्षों की छाओं में प्रभु भक्ति में लीन ..... न खाने की सुध न सांसारिक जीवन का मोह ..... पर्वत शिखिर , कंदराओं , गुफाओं , आकाश -पाताल एक कर दिया ! बस स्वर्ग मिल जाए ! महर्षि विश्वामित्र की घोर तपस्या से तो इंद्र भी घबरा गए .... आखिर तपस्या भंग करने परम रूपसी अप्सरा मेनका को भेजा ..... ऋषिवर धोका खा गए ! हमारे जैसे तुच्छ प्राणियों की तो भला औकात ही क्या है !
कहते हैं स्वर्ग के सिंहासन पर वर्षा के देवता इंद्र 'आरूढ़ 'हैं ...सदैव मृगनयनी अप्सराओं से घिरे रहते हैं ..... नयनो से छलकती मस्ती और सोम रस का सरूर ,मृदंग और वीणा के मधुर स्वरों पर थिरकती लावण्यमयी -मृगनयनी अप्सराएं .... कौन नहीं चाहेगा ऐसे मादक सोम -सरोवर में डूब जाना।
अपनी आँखों के समंदर में उतर जाने दो !
तेरा कातिल हूँ , मुझे डूब के मर जाने दो !!
हूरें तो जन्नत में भी हैं , मगर महज़ ७२ और साथ में २८ लौंडे भी .... आबे हयात है जिसमें शराब बहती है ..... मजे कितने ही लूटो , थकने का सवाल ही नहीं .... कितना ही खाओ ! ग़ुस्ल की कोई हाज़त नहीं ! बस जेहाद करना होगा ! दारुल इस्लाम के लिए ! जेहाद में मारे जाओगे तो जन्नत का एयर टिकट पक्का ,नो बुकिंग ,नो वीज़ा
हमको मालूम है ,जन्नत की हकीकत लेकिन !
दिल के बहलाने को ग़ालिब यह ख्याल अच्छा है !!
अरे भई ! कहाँ भटक रहे हो सदियों पुराने स्वर्ग और जन्नत के खावों ख्यालों में ! माडर्न ऋषि मुनि : आज के साइंसदानों ने आप की ख्वाब गाह बोले तो बैड -रूम में जन्नत और स्वर्ग मुहैया करवा दिया है ...... गर्मी है तो ए सी चला लो .... सर्दी तो ब्लोअर .... स्काच विस्की या फिर बीअर की बोतल खोलो ! टी वि ऑन करो ...' मन पसंद ' चैंनल लगाएं। इतनी सूंदर अप्सराएं कि हूरें उनके आगे पानी भरें !
जिसमें लाखों बरस की हूरें हों !
ऐसी जन्नत को क्या करे कोई !!
बुधवार, 5 अक्टूबर 2016
कज़री का सर्जिकल अप्रेसन
कज़री का सर्जिकल अप्रेसन
एल आर गाँधी
नीम की दातुन से कड़वी हुई जीभ को राहत पहुंचाने के चक्कर में ,दातुन दो फाड़ कर जीभ खुरच रहा था ,कि चोखी लामा की जानी पहचानी आवाज में 'राम -राम ' बाबू सुनाई दिया।
बाबू जीभ ही खुरचते रहोगे कि कभी आज की सुर्खी भी देखोगे ? हमने दातुन फेंक कर प्रश्नचिन्ह ? नज़रों से चोखी को निहारा ! चोखी ने भी टीवी चेनल पर बतियाते 'मीम अफ़ज़ल ' की माफिक फ़रमाया .... बाबू ! मेरे यार ने भी मोदी से पूछ ही लिया 'सर्जिकल ऑपरेशन ' का सबूत दो ! ..... आज तक मनमोहन जी ने भी तो हज़ारों सबूत दिए हैं ...एक आप भी दे दो .... हो जाओ पाक -साफ़ !
कजरी को ' बाबू' हम बचपन से जानते हैं ...... एक बार तो अपने 'अब्बू' से पूछ बैठे : अब्बू हमारा सर्जिकल फादर कौन है ? अब्बू भी ठहरे एक नंबर के मसखरे ! बोले बेटा ! .... इसका जवाब तो सिर्फ तुम्हारी 'अम्मी ' के पास है .... तुम ही पूछ लो ..... मेरी तो हिम्मत नहीं ! मैं तो सुहाग रात को भी बाहर ही खड़ा रहा ! सुई बालान के सभी लौंडे अंदर जा और आ रहे थे। चांदनी दिवाली को तुम आ गए .... तब भी मैं तो बाहर ही खड़ा था ,जब नर्स ने सर्जरी रूम से निकलते ही ऊंची आवाज़ में कहा 'मियां जी ' बधाई हो ! लफंगा हुआ है ! हमने नादान शौहर की मानिंद नर्स से शर्माते हुए पुछा .... सिस्टर ! यह 'लफंगा '? नर्स ने तपाक से जवाब दिया ! मियां छमाही बच्चे को यहाँ यही कहते हैं ..... न मालूम किसका है ?
और हाँ ! मेरी अंगूठी निगल गया ... मूयां ! मैंने तो शहद चटाया ! इतनी लंबी ज़ुबान ? ...शहद के साथ 'अंगूठी ' भी निगल गया !नार्मल बच्चे तो पैदा होते ही रोते हैं और यह लफंगा 'खांस ' रहा था ...लगता है पैदायशी 'राज यक्ष्मा ' का रोगी है और हाँ जीभ भी कुछ ज़्यादां ही लंबी है !
एल आर गाँधी
नीम की दातुन से कड़वी हुई जीभ को राहत पहुंचाने के चक्कर में ,दातुन दो फाड़ कर जीभ खुरच रहा था ,कि चोखी लामा की जानी पहचानी आवाज में 'राम -राम ' बाबू सुनाई दिया।
बाबू जीभ ही खुरचते रहोगे कि कभी आज की सुर्खी भी देखोगे ? हमने दातुन फेंक कर प्रश्नचिन्ह ? नज़रों से चोखी को निहारा ! चोखी ने भी टीवी चेनल पर बतियाते 'मीम अफ़ज़ल ' की माफिक फ़रमाया .... बाबू ! मेरे यार ने भी मोदी से पूछ ही लिया 'सर्जिकल ऑपरेशन ' का सबूत दो ! ..... आज तक मनमोहन जी ने भी तो हज़ारों सबूत दिए हैं ...एक आप भी दे दो .... हो जाओ पाक -साफ़ !
कजरी को ' बाबू' हम बचपन से जानते हैं ...... एक बार तो अपने 'अब्बू' से पूछ बैठे : अब्बू हमारा सर्जिकल फादर कौन है ? अब्बू भी ठहरे एक नंबर के मसखरे ! बोले बेटा ! .... इसका जवाब तो सिर्फ तुम्हारी 'अम्मी ' के पास है .... तुम ही पूछ लो ..... मेरी तो हिम्मत नहीं ! मैं तो सुहाग रात को भी बाहर ही खड़ा रहा ! सुई बालान के सभी लौंडे अंदर जा और आ रहे थे। चांदनी दिवाली को तुम आ गए .... तब भी मैं तो बाहर ही खड़ा था ,जब नर्स ने सर्जरी रूम से निकलते ही ऊंची आवाज़ में कहा 'मियां जी ' बधाई हो ! लफंगा हुआ है ! हमने नादान शौहर की मानिंद नर्स से शर्माते हुए पुछा .... सिस्टर ! यह 'लफंगा '? नर्स ने तपाक से जवाब दिया ! मियां छमाही बच्चे को यहाँ यही कहते हैं ..... न मालूम किसका है ?
और हाँ ! मेरी अंगूठी निगल गया ... मूयां ! मैंने तो शहद चटाया ! इतनी लंबी ज़ुबान ? ...शहद के साथ 'अंगूठी ' भी निगल गया !नार्मल बच्चे तो पैदा होते ही रोते हैं और यह लफंगा 'खांस ' रहा था ...लगता है पैदायशी 'राज यक्ष्मा ' का रोगी है और हाँ जीभ भी कुछ ज़्यादां ही लंबी है !
मंगलवार, 23 अगस्त 2016
Lr Gandhi added 2 new photos.
No. Hindi Namavali English Namavali
1. ॐ कृष्णाय नमः Om Krishna Namaha
2. ॐ कमलनाथाय नमः Om Kamalnatha Namaha
3. ॐ वासुदेवाय नमः Om Vasudeva Namaha
4. ॐ सनातनाय नमः Om Sanatan Namaha...
Continue Reading1. ॐ कृष्णाय नमः Om Krishna Namaha
2. ॐ कमलनाथाय नमः Om Kamalnatha Namaha
3. ॐ वासुदेवाय नमः Om Vasudeva Namaha
4. ॐ सनातनाय नमः Om Sanatan Namaha...
रविवार, 7 अगस्त 2016
कुत्ते ..... तेरा खून ....... !
कुत्ते ..... तेरा खून ....... !
एल आर गाँधी
कुक्कुर को 'इंसान ' का सबसे विश्वसनीय और बफादार मित्र जानवर के रूप में जाना जाता है। युधिष्टर जब अपने श्वान के साथ सदेह वैकुण्ठ के द्वार पर पहुंचे , तो धर्मराज स्वयं उनके स्वागत के लिए स्वर्गद्वार पर उपस्थित थे ..... युधिष्टर का भव्य स्वागत किया गया ,किन्तु जब श्वान के प्रवेश की बात आयी तो धर्मराज ने उसके प्रवेश पर ऐतराज़ ज़ाहिर करते हुए कहा कि एक पशु को वैकुण्ठ धाम में प्रवेश की आज्ञा कदापि नहीं दी जा सकती ! ..... युधिष्टर ने धर्मराज की इस सोच का घोर प्रतिकार करते हुए स्वयं भी वैकुण्ठ धाम में न जाने का निर्णय लिया ! धर्मराज को युधिष्टर के 'श्वान ' को प्रवेश की अनुमति देनी पड़ी !
ऐसे ही जब अमेरिका के राष्ट्रपति बुश भारत आये तो उनके साथ उनके अंगरक्षक 'डॉग सक़्वेड ' भी थे .... पांच सितारा होटलज़ में कुत्तों के प्रवेश पर रोक है। ... तब अमेरिकन सुरक्षा अधिकारियों ने इन्हें 'कुत्ता ' कहने पर भी ऐतराज़ किया और कहा कि इनका रैंक सुरक्षा अधिकारियों के बराबर है ! उन्हें बाकायदा होटल के विशेष कमरों में ठहराया गया।
विश्व के अधिकाँश देशों में श्वान को कानूनन संरक्षण प्राप्त है ..... मगर हमारे पडोसी देश 'पाकिस्तान 'में कुते तो क्या इंसानों को भी यह नहीं प्राप्त ! पाक में गत दिनों ७०० कुत्ते ज़हर की गोलियां खिला कर बेमौत मार दिए गए ! चंद पशु प्रेमी संस्थाओं ने इस 'क्रूरता ' के विरुद्ध रोष जताया ....... ये पशु प्रेमी न जाने उस वक्त कहाँ दुम दबा कर छुप जाते हैं , जब बकर ईद को सारे देश में 'घर -घर ' बकरों और अनगिनत अन्य जानवरों को मज़हबी 'हलाल ' के नाम पर तड़पा -तड़पा कर मारा जाता है ..... शैतानों को भला 'इंसानियत ' से क्या मतलब ?
एल आर गाँधी
कुक्कुर को 'इंसान ' का सबसे विश्वसनीय और बफादार मित्र जानवर के रूप में जाना जाता है। युधिष्टर जब अपने श्वान के साथ सदेह वैकुण्ठ के द्वार पर पहुंचे , तो धर्मराज स्वयं उनके स्वागत के लिए स्वर्गद्वार पर उपस्थित थे ..... युधिष्टर का भव्य स्वागत किया गया ,किन्तु जब श्वान के प्रवेश की बात आयी तो धर्मराज ने उसके प्रवेश पर ऐतराज़ ज़ाहिर करते हुए कहा कि एक पशु को वैकुण्ठ धाम में प्रवेश की आज्ञा कदापि नहीं दी जा सकती ! ..... युधिष्टर ने धर्मराज की इस सोच का घोर प्रतिकार करते हुए स्वयं भी वैकुण्ठ धाम में न जाने का निर्णय लिया ! धर्मराज को युधिष्टर के 'श्वान ' को प्रवेश की अनुमति देनी पड़ी !
ऐसे ही जब अमेरिका के राष्ट्रपति बुश भारत आये तो उनके साथ उनके अंगरक्षक 'डॉग सक़्वेड ' भी थे .... पांच सितारा होटलज़ में कुत्तों के प्रवेश पर रोक है। ... तब अमेरिकन सुरक्षा अधिकारियों ने इन्हें 'कुत्ता ' कहने पर भी ऐतराज़ किया और कहा कि इनका रैंक सुरक्षा अधिकारियों के बराबर है ! उन्हें बाकायदा होटल के विशेष कमरों में ठहराया गया।
विश्व के अधिकाँश देशों में श्वान को कानूनन संरक्षण प्राप्त है ..... मगर हमारे पडोसी देश 'पाकिस्तान 'में कुते तो क्या इंसानों को भी यह नहीं प्राप्त ! पाक में गत दिनों ७०० कुत्ते ज़हर की गोलियां खिला कर बेमौत मार दिए गए ! चंद पशु प्रेमी संस्थाओं ने इस 'क्रूरता ' के विरुद्ध रोष जताया ....... ये पशु प्रेमी न जाने उस वक्त कहाँ दुम दबा कर छुप जाते हैं , जब बकर ईद को सारे देश में 'घर -घर ' बकरों और अनगिनत अन्य जानवरों को मज़हबी 'हलाल ' के नाम पर तड़पा -तड़पा कर मारा जाता है ..... शैतानों को भला 'इंसानियत ' से क्या मतलब ?
मंगलवार, 5 जुलाई 2016
इंसानियत का मसीहा ' फ़राज़ '
इंसानियत का मसीहा ' फ़राज़ '
एल आर गांधी
शैतानी किताब को मानने वालों ने बांग्ला देश के ढाका शहर में 'पवित्र रमदान ' महीने की विदाई २० काफिरों के सर कलम करके मनाई ...... काफिरों से 'पवित्र -कुरआन ' की आयते सुनाने को कहा गया .... जो नहीं सुना पाये उनके सर कलम कर दिए गए ..... सभी कातिल खूब पढ़े -लिखे और खाते -पीते घरों से थे। और 'कुरआन ' को भी खूब समझते थे .....'.हराम महीने के ख़त्म होते ही घात लगा कर बैठ जाओ और मौका मिलते ही 'काफिरों ' को मार डालो ! कुरआन के इस फरमान को महज़ पूरा किया इन खुदा के बन्दों ने .... मरने वाले विदेशी थे और उनमें भारत की हिन्दू कन्या ताऋषि जैन और बांग्ला देशी युवक फ़राज़ अयाज़ हुसैन था।
फ़राज़ को जेहादिओं ने भाग जाने को कहा , मगर उसने अपने साथी -मित्रों को मरने के लिए छोड़ जाने से साफ़ इंकार कर दिया .... ज़ाहिर है इस्लाम में काफिरों का साथ देना भी 'कुफ्र ' है और कुफ्र की सज़ा मौत ! फ़राज़ को भी मार दिया गया ..... फ़राज़ ने इंसानियत , विश्व-बन्धुत्व और मित्रता की बेमिसाल इबारत लिख दी जिसे विश्व इतिहास में अविस्मरणीय स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाइएगा !
इंसानियत के पैरोकारों ने फ़राज़ की कुर्बानी को भरपूर श्रद्धांजलि दी ..... मगर हमारे यहाँ वोट बैंक के भेड़िये सैकुलर शैतान मुंह में मज़हबी सुपारी दबाए मौन बैठे हैं ..... मुंह खोले तो ' सैकुलर सियासी लाल पीक से उनके अपने ही गिरेबां दागदार ' हो जाएंगे ! ताऋषि का अंतिम संस्कार दिल्ली की बगल -गुरुग्राम में किया गया , मगर अपनी दिल्ली का ' दल्ला' जो हर मौलवी को करोड़ -करोड़ बांटने में माहिर है ...... नदारद रहा ! फ़राज़ की कुर्बानी पर भी सांप सूंघ गया !
जिन देशों से शैतानी किताब को मानने वालों ने 'काफिरों ' का पूर्ण सफाया कर दिया , वहां अब 'अपनों के सफाये में मशगूल हैं .... यु ऐ ई में मुहम्मद की मज़ार पर बनी मसीत पर बम ब्लास्ट और वह भी कट्टर पंथी सुन्निओं द्वारा ..... तलवार के ज़ोर पर फैला मज़हब ...... ज़बर के ज़हर से ही निपट जाएगा !
एल आर गांधी
शैतानी किताब को मानने वालों ने बांग्ला देश के ढाका शहर में 'पवित्र रमदान ' महीने की विदाई २० काफिरों के सर कलम करके मनाई ...... काफिरों से 'पवित्र -कुरआन ' की आयते सुनाने को कहा गया .... जो नहीं सुना पाये उनके सर कलम कर दिए गए ..... सभी कातिल खूब पढ़े -लिखे और खाते -पीते घरों से थे। और 'कुरआन ' को भी खूब समझते थे .....'.हराम महीने के ख़त्म होते ही घात लगा कर बैठ जाओ और मौका मिलते ही 'काफिरों ' को मार डालो ! कुरआन के इस फरमान को महज़ पूरा किया इन खुदा के बन्दों ने .... मरने वाले विदेशी थे और उनमें भारत की हिन्दू कन्या ताऋषि जैन और बांग्ला देशी युवक फ़राज़ अयाज़ हुसैन था।
फ़राज़ को जेहादिओं ने भाग जाने को कहा , मगर उसने अपने साथी -मित्रों को मरने के लिए छोड़ जाने से साफ़ इंकार कर दिया .... ज़ाहिर है इस्लाम में काफिरों का साथ देना भी 'कुफ्र ' है और कुफ्र की सज़ा मौत ! फ़राज़ को भी मार दिया गया ..... फ़राज़ ने इंसानियत , विश्व-बन्धुत्व और मित्रता की बेमिसाल इबारत लिख दी जिसे विश्व इतिहास में अविस्मरणीय स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाइएगा !
इंसानियत के पैरोकारों ने फ़राज़ की कुर्बानी को भरपूर श्रद्धांजलि दी ..... मगर हमारे यहाँ वोट बैंक के भेड़िये सैकुलर शैतान मुंह में मज़हबी सुपारी दबाए मौन बैठे हैं ..... मुंह खोले तो ' सैकुलर सियासी लाल पीक से उनके अपने ही गिरेबां दागदार ' हो जाएंगे ! ताऋषि का अंतिम संस्कार दिल्ली की बगल -गुरुग्राम में किया गया , मगर अपनी दिल्ली का ' दल्ला' जो हर मौलवी को करोड़ -करोड़ बांटने में माहिर है ...... नदारद रहा ! फ़राज़ की कुर्बानी पर भी सांप सूंघ गया !
जिन देशों से शैतानी किताब को मानने वालों ने 'काफिरों ' का पूर्ण सफाया कर दिया , वहां अब 'अपनों के सफाये में मशगूल हैं .... यु ऐ ई में मुहम्मद की मज़ार पर बनी मसीत पर बम ब्लास्ट और वह भी कट्टर पंथी सुन्निओं द्वारा ..... तलवार के ज़ोर पर फैला मज़हब ...... ज़बर के ज़हर से ही निपट जाएगा !
शुक्रवार, 1 जुलाई 2016
पर कटे परिंदे -पंजाब विजीलैंस
पर कटे परिंदे -पंजाब विजीलैंस
एल आर गांधी
पर कटे परिंदे - कुछ ऐसा ही हाल है ....... पंजाब के विजीलैंस विभाग का !
अरसा पहले जब कांग्रेस की सरकार थी और कैप्टन साहेब मुख्य मंत्री के सिंहासन पर आरूढ़ थे , तब यका -यक बाबूओं पर मेहरबान हो गए .... अफसरों की भांति बाबूओं पर कार्यवाही से पूर्व विजीलैंस के लिए सम्बंधित विभाग की सहमति अनिवार्य कर दी .... चोर -चोर चचेरे भाई ! अकालियों ने भी यह बंदिश जारी रखी।
एक ओर मोदी जी ने ' न खाऊंगा , न खाने दूंगा ' का नारा दिया , मगर अकालियों ने कांग्रेसिओं के ' खूब खाओ और खाने दो ' की निति को अपनाया।
हमारा वास्ता बदकिस्मती से करप्ट कार्पोरेशन आफ पटियाला शाही से पड़ गया .... एक बाबू से काम पड़ा तो जनाब ने ' न्यौछावर ' मांग ली . हमने समझाया भई हमने तो ३५ साल की सेवा में इस मुई न्यौछावर का नाम भी नहीं लिया ! बाबू बोले - यहाँ का तो यही चलन है और वह भी नीचे से ऊपर तक ..... हमारे भीतर का वाच -डॉग मचल गया ..... बाबू को विजीलैंस को पकड़वा दिया और वह भी रंगे हाथों ! हैरानगी तो तब हुई जब कार्पोरेशन के सारे कर्मचारी अपने भ्रष्ट भाई को पुलिस से छुड़ाने बाहर आ गए और विजीलैंस की जीप को घेर लिया ... हम तो किसी भांति दुम दबा कर भागे।
भ्रष्ट बाबू का चालान कोर्ट में पेश करने से पहले विजीलैंस ने कमिश्नर कार्पोरेशन से सहमति मांगी तो 'यूनियन 'के दबाव में कोर्ट की बजाये कार्पोरेशन की 'कमेटी ' से न्याय करवाने फैसला किया गया। बेचारे पर -कटे विजीलैंस वाले ताकते रह गए !
सोचने की बात तो यह है ...... क्या करप्ट कार्पोरेशन के पास कमेटी गठित करने के लिए महज़ चार 'बेदाग़ ' अफसर हैं ?
एल आर गांधी
पर कटे परिंदे - कुछ ऐसा ही हाल है ....... पंजाब के विजीलैंस विभाग का !
अरसा पहले जब कांग्रेस की सरकार थी और कैप्टन साहेब मुख्य मंत्री के सिंहासन पर आरूढ़ थे , तब यका -यक बाबूओं पर मेहरबान हो गए .... अफसरों की भांति बाबूओं पर कार्यवाही से पूर्व विजीलैंस के लिए सम्बंधित विभाग की सहमति अनिवार्य कर दी .... चोर -चोर चचेरे भाई ! अकालियों ने भी यह बंदिश जारी रखी।
एक ओर मोदी जी ने ' न खाऊंगा , न खाने दूंगा ' का नारा दिया , मगर अकालियों ने कांग्रेसिओं के ' खूब खाओ और खाने दो ' की निति को अपनाया।
हमारा वास्ता बदकिस्मती से करप्ट कार्पोरेशन आफ पटियाला शाही से पड़ गया .... एक बाबू से काम पड़ा तो जनाब ने ' न्यौछावर ' मांग ली . हमने समझाया भई हमने तो ३५ साल की सेवा में इस मुई न्यौछावर का नाम भी नहीं लिया ! बाबू बोले - यहाँ का तो यही चलन है और वह भी नीचे से ऊपर तक ..... हमारे भीतर का वाच -डॉग मचल गया ..... बाबू को विजीलैंस को पकड़वा दिया और वह भी रंगे हाथों ! हैरानगी तो तब हुई जब कार्पोरेशन के सारे कर्मचारी अपने भ्रष्ट भाई को पुलिस से छुड़ाने बाहर आ गए और विजीलैंस की जीप को घेर लिया ... हम तो किसी भांति दुम दबा कर भागे।
भ्रष्ट बाबू का चालान कोर्ट में पेश करने से पहले विजीलैंस ने कमिश्नर कार्पोरेशन से सहमति मांगी तो 'यूनियन 'के दबाव में कोर्ट की बजाये कार्पोरेशन की 'कमेटी ' से न्याय करवाने फैसला किया गया। बेचारे पर -कटे विजीलैंस वाले ताकते रह गए !
सोचने की बात तो यह है ...... क्या करप्ट कार्पोरेशन के पास कमेटी गठित करने के लिए महज़ चार 'बेदाग़ ' अफसर हैं ?
शनिवार, 4 जून 2016
वाह मियां .... वाह
वाह मियां .... वाह
एल आर गांधी
क्वेटा ,पकिस्तान के मियां जी ..... ४६ वर्षीय सरदार जान मोहम्मद खिलजी तीन बीवियों से ३५ बच्चे पैदा कर अपने उद्देश्य की ओर अग्रसर हैं। उनका उदेश्य १०० बच्चे बनाने का है। शीघ्र ही मियां जी चौथी बीवी लाने जा रहे हैं ताकि अल्लाह के हुकम की तामील एक सच्चे मुसलमान की मानिंद पूरी हो सके !
अल्लाह का शुक्र है कि उसने अपने 'बन्दों ' को ९ माह में महज़ एक बच्चा पैदा करने की कूवत बख्शी है ! वर्ना एक 'शूकर' डेज़ी ने तो ९ माह में २७ शूकरों को जन्म दे डाला ..... देखें ! मियांजी चार बीवियों और अल्लाह के फज़ल से कब अपने १०० के अहद को पूरा कर पाते हैं। जैसे डेज़ी अपने सभी नन्हें शूकरों को दूध नहीं पिला पाती वैसे ही मियां जी भी अपनी भारी भरकम 'अल्लाह की सौगात ' के भरण पोषण में खुद को लाचार पाते हैं .... मियां जी ने पकिस्तान की इस्लामिक सरकार से मदद की गुहार भी लगाई है। जो सरकार पहले ही अमेरिका के रहमो-करम पर जी रही है , वह मियां जी की क्या मदद करेगी ?
मियां जी ने २०१३ में एक प्रांतीय चुनाव भी लड़ा था ,और चुनाव चिन्ह था उनका मस्तुरात क्रीड़ा स्थल आसन ,
'डबल बैड ' महज़ ९८० वोट मिले और हार गए ..... ३५ का आंकड़ा सौ को पार करने दो ... देखें कौन माई का लाल चुनाव में उनके आगे 'टिकता ' है।
मियां जी हैं ही पाक जैसे मुफलिस और नापाक मुल्क में ... हमारे यहाँ होते ! मियां मुलायम ने कभी का मोहम्मद को 'मालामाल' कर दिया होता !
एल आर गांधी
क्वेटा ,पकिस्तान के मियां जी ..... ४६ वर्षीय सरदार जान मोहम्मद खिलजी तीन बीवियों से ३५ बच्चे पैदा कर अपने उद्देश्य की ओर अग्रसर हैं। उनका उदेश्य १०० बच्चे बनाने का है। शीघ्र ही मियां जी चौथी बीवी लाने जा रहे हैं ताकि अल्लाह के हुकम की तामील एक सच्चे मुसलमान की मानिंद पूरी हो सके !
अल्लाह का शुक्र है कि उसने अपने 'बन्दों ' को ९ माह में महज़ एक बच्चा पैदा करने की कूवत बख्शी है ! वर्ना एक 'शूकर' डेज़ी ने तो ९ माह में २७ शूकरों को जन्म दे डाला ..... देखें ! मियांजी चार बीवियों और अल्लाह के फज़ल से कब अपने १०० के अहद को पूरा कर पाते हैं। जैसे डेज़ी अपने सभी नन्हें शूकरों को दूध नहीं पिला पाती वैसे ही मियां जी भी अपनी भारी भरकम 'अल्लाह की सौगात ' के भरण पोषण में खुद को लाचार पाते हैं .... मियां जी ने पकिस्तान की इस्लामिक सरकार से मदद की गुहार भी लगाई है। जो सरकार पहले ही अमेरिका के रहमो-करम पर जी रही है , वह मियां जी की क्या मदद करेगी ?
मियां जी ने २०१३ में एक प्रांतीय चुनाव भी लड़ा था ,और चुनाव चिन्ह था उनका मस्तुरात क्रीड़ा स्थल आसन ,
'डबल बैड ' महज़ ९८० वोट मिले और हार गए ..... ३५ का आंकड़ा सौ को पार करने दो ... देखें कौन माई का लाल चुनाव में उनके आगे 'टिकता ' है।
मियां जी हैं ही पाक जैसे मुफलिस और नापाक मुल्क में ... हमारे यहाँ होते ! मियां मुलायम ने कभी का मोहम्मद को 'मालामाल' कर दिया होता !
बुधवार, 18 मई 2016
जो है सो है
जो है सो है
एल आर गांधी
सुबह की सैर को तैयार हुए थे ! ... यका यक जिंदगी की शाम ने दस्तक दे दी ! ज़ुबान ने दिमाग़ का साथ छोड़ दिया ..... दिमाग ने दूध बोलने को कहा .... मगर जुबां ने बगावत कर दी ..... मस्ता सी गयी और 'ढूढ ' बोलने लगी दूध को ! जब से जिंदगी को जीने का सलीका आया है .... तभी से मौत की उंगली पकड़ कर चलने की ज़िद दिलो -दिमाग़ पर तारी है .... जो है सो है में जीवन के परमानन्द की अनुभूति होने लगी है। कबीर जी ने ठीक ही तो कहा था ...जिस मरने से जग डरे , मेरे चित्त आनंद ! मरने से ही पाइए , पूर्ण परमानन्द !
फ़ौरन टैक्सी की और पी जी आई के ट्रामा सेंटर पहुँच गए , अपनों के यत्नो के आगे मौत को अपनी ऊँगली छुड़ा कर मेरी ऊँगली पकड़ने का विचार छोड़ना पड़ा .... ट्रामा सेंटर में सभी लोग शायद मौत जैसी सच्चाई के इतने निकट नहीं थे .... अधिकाँश मरीज़ मौत से भी बदतर जीने को जीवन मान बैठे थे ... जमीन पर लेटे स्ट्रेचर की जदोजहद में थे .... स्ट्रेचर वाले पूरे जतन से उसे वार्ड तक कब्जाए रखने में मशगूल थे ... सबसे दयनीय स्थिति ईश्वर तुल्य जूनियर डाकटरों की थी .... सभी उन्हें अपने और अंतिम क्षण के बीच का फरिश्ता मान बैठे थे।
टेस्टों से एक सच्चाई खुल कर सामने आ खड़ी हुई। सभी के दिमाग में घमंड की माफिक रक्त प्रवाहित हो रहा है .... सभी की नसों में खून के थक्के जमते हैं और पिंघल जाते हैं .... कभी कभी यह थक्का बस पिंघलता नहीं ... घम्मंडी हो जाता है .... जब फूटता है तो 'स्ट्रोक ' बन कर सुबह की सैर को शाम का स्ट्रेचर बना डालता है।
मौत की उंगली पकड़ कर चलने वाले, ' जो है सो है ' के शाश्वत सत्य के साथ मर कर भी जीते हैं !
एल आर गांधी
सुबह की सैर को तैयार हुए थे ! ... यका यक जिंदगी की शाम ने दस्तक दे दी ! ज़ुबान ने दिमाग़ का साथ छोड़ दिया ..... दिमाग ने दूध बोलने को कहा .... मगर जुबां ने बगावत कर दी ..... मस्ता सी गयी और 'ढूढ ' बोलने लगी दूध को ! जब से जिंदगी को जीने का सलीका आया है .... तभी से मौत की उंगली पकड़ कर चलने की ज़िद दिलो -दिमाग़ पर तारी है .... जो है सो है में जीवन के परमानन्द की अनुभूति होने लगी है। कबीर जी ने ठीक ही तो कहा था ...जिस मरने से जग डरे , मेरे चित्त आनंद ! मरने से ही पाइए , पूर्ण परमानन्द !
फ़ौरन टैक्सी की और पी जी आई के ट्रामा सेंटर पहुँच गए , अपनों के यत्नो के आगे मौत को अपनी ऊँगली छुड़ा कर मेरी ऊँगली पकड़ने का विचार छोड़ना पड़ा .... ट्रामा सेंटर में सभी लोग शायद मौत जैसी सच्चाई के इतने निकट नहीं थे .... अधिकाँश मरीज़ मौत से भी बदतर जीने को जीवन मान बैठे थे ... जमीन पर लेटे स्ट्रेचर की जदोजहद में थे .... स्ट्रेचर वाले पूरे जतन से उसे वार्ड तक कब्जाए रखने में मशगूल थे ... सबसे दयनीय स्थिति ईश्वर तुल्य जूनियर डाकटरों की थी .... सभी उन्हें अपने और अंतिम क्षण के बीच का फरिश्ता मान बैठे थे।
टेस्टों से एक सच्चाई खुल कर सामने आ खड़ी हुई। सभी के दिमाग में घमंड की माफिक रक्त प्रवाहित हो रहा है .... सभी की नसों में खून के थक्के जमते हैं और पिंघल जाते हैं .... कभी कभी यह थक्का बस पिंघलता नहीं ... घम्मंडी हो जाता है .... जब फूटता है तो 'स्ट्रोक ' बन कर सुबह की सैर को शाम का स्ट्रेचर बना डालता है।
मौत की उंगली पकड़ कर चलने वाले, ' जो है सो है ' के शाश्वत सत्य के साथ मर कर भी जीते हैं !
गुरुवार, 5 मई 2016
बाबा की ललाट कान्ति क्रीम
बाबा की ललाट कान्ति क्रीम
एल आर गांधी
दन्त कान्ति दन्त मंजन पर शोध के बाद ,बाबा अब ललाट कांति की शोध की ओर अग्रसर हैं ... इस शोध के लिए उन्हें एक ऐसे ललाट की दरकार थी जिसे 'देश' का सबसे काला मुखारविंद होने का सौभाग्य प्राप्त हो ... ऐसा मुख् जो अपने कुकर्मों से भी अंदर तक कलुषित हो .....
पुराने मित्र का उद्द्घोष पढ़ा .... यदि सोनिया बेईमान है तो देश में कोई ईमानदार नहीं ! बाबा शीघ्र से पेशतर दिल्ली पहुँच गए .... पुराने मित्र लालू जी की शान में खूब कसीदे पढ़े और पोटली में से अपना नया प्रॉडक्ट पतंजलि ललाट निखार क्रीम अपने कर कमलों से मर्दन की .... और साथ ही उद्द्घोष किया कि मुख कितना ही काला हो कर्मों से या दुष्कर्मों से ! एक दम पाक -साफ़ हो जाएगा ... मोदी जी के 'शरीफ ' की माफिक !
बाबा जी पक्के इवेंट मैनेजर बन गए हैं .... बहुत देख लिया ! काला - धन , काला -धन का प्रलाप करके .... चारों ओर काले चेहरे बढ़ते ही जा रहे हैं ... काली -केतली की माफिक .... और सभी काले चेहरे उजले होने की फिराक में हैं ... बाबा भी निकल पड़े काले -धन से कलियाए काले चेहरों को चमकाने .... काली भैंसों के चारे से अपना मुंह काला किये घूम रहे लालू से बेहतर 'रोल- मॉडल ' और कहाँ मिलेगा !
बाबा की क्रीम से ताजा ताजा मुंह चमकाए ...लालू जी ने भी मोदी जी को सलाह दे डाली ..... करनी है तो बाबाओं के काले धन की जांच करो .... बेकार में सोनिया जी की सफ़ेद साड़ी दाग-दार करने पर तुले हैं।
एल आर गांधी
दन्त कान्ति दन्त मंजन पर शोध के बाद ,बाबा अब ललाट कांति की शोध की ओर अग्रसर हैं ... इस शोध के लिए उन्हें एक ऐसे ललाट की दरकार थी जिसे 'देश' का सबसे काला मुखारविंद होने का सौभाग्य प्राप्त हो ... ऐसा मुख् जो अपने कुकर्मों से भी अंदर तक कलुषित हो .....
पुराने मित्र का उद्द्घोष पढ़ा .... यदि सोनिया बेईमान है तो देश में कोई ईमानदार नहीं ! बाबा शीघ्र से पेशतर दिल्ली पहुँच गए .... पुराने मित्र लालू जी की शान में खूब कसीदे पढ़े और पोटली में से अपना नया प्रॉडक्ट पतंजलि ललाट निखार क्रीम अपने कर कमलों से मर्दन की .... और साथ ही उद्द्घोष किया कि मुख कितना ही काला हो कर्मों से या दुष्कर्मों से ! एक दम पाक -साफ़ हो जाएगा ... मोदी जी के 'शरीफ ' की माफिक !
बाबा जी पक्के इवेंट मैनेजर बन गए हैं .... बहुत देख लिया ! काला - धन , काला -धन का प्रलाप करके .... चारों ओर काले चेहरे बढ़ते ही जा रहे हैं ... काली -केतली की माफिक .... और सभी काले चेहरे उजले होने की फिराक में हैं ... बाबा भी निकल पड़े काले -धन से कलियाए काले चेहरों को चमकाने .... काली भैंसों के चारे से अपना मुंह काला किये घूम रहे लालू से बेहतर 'रोल- मॉडल ' और कहाँ मिलेगा !
बाबा की क्रीम से ताजा ताजा मुंह चमकाए ...लालू जी ने भी मोदी जी को सलाह दे डाली ..... करनी है तो बाबाओं के काले धन की जांच करो .... बेकार में सोनिया जी की सफ़ेद साड़ी दाग-दार करने पर तुले हैं।
मंगलवार, 3 मई 2016
चारा -बेचारा
चारा -बेचारा
एल आर गांधी
स्व : खुशवंत सिंह जी ने भी क्या खूब कहा था ..... यह सफेद राबड़ी भी उन्हीं काली भैंसों के दूध से बनी है ,जिनका चारा लालू जी खा गए ! ९०० करोड़ का चारा गटक गए ..... अंदर गए ! मगर क़ानून के लम्बे हाथ बौने पड़ गए। आज बिहार के सिकुलर समाज की खूब हजामत बना रहे हैं।
बिहार की न्याय व्यवस्था के भविष्य .... ला कालेज के दीक्षांत समारोह के में जनाब 'मुख्यातिथि ' थे। लगे हाथों सिंगोरा गांधी को ईमानदारी का 'भारत रत्न ' भी दे डाला ! बोले ! सोनिया बेईमान तो देश में नहीं कोई ईमानदार ! सिंगोरा जी की चका -चक सफेद साडी और लालू जी की ' राबड़ी ' में दाग़ ? .... नो वे ! केजरी की खांसी और कन्हैया की आज़ादी : गवाह हैं।
ईमानदारी -आज़ादी -देश द्रोह - राष्ट्र ध्वज पर एक नई इबारत लिखी जा रही है ..... ईमानदार वह जो भिखारी वोटरों के वोट बटोर ले .... बैगरज हैज़ नो चॉइस ! देश की बर्बादी का नारा बुद्धि जीवियों की आज़ादी हो गया। सुरक्षा में सेंध मारी अब देश द्रोह नहीं ! देश द्रोही अगस्ता चॉपर की ऊंचाइयां माप रहे हैं।
भिखारियों को लुभाने के लिए एक्सपर्ट नीतिकारों की सेवाएं खरीदी जा रही हैं। ... लोक तंत्र बाज़ारू रंडी की माफिक सज -धज कर सत्ता के दलालों में घिरा है .... सफेद साड़ी का ज़माना है .... बापू की धोती से बू आती है .... महात्मा गांधी .... सँगोरा गांधी हो गया है ..... ऊंची उड़ान को अगस्ता चॉपर खड़ा है !
एल आर गांधी
स्व : खुशवंत सिंह जी ने भी क्या खूब कहा था ..... यह सफेद राबड़ी भी उन्हीं काली भैंसों के दूध से बनी है ,जिनका चारा लालू जी खा गए ! ९०० करोड़ का चारा गटक गए ..... अंदर गए ! मगर क़ानून के लम्बे हाथ बौने पड़ गए। आज बिहार के सिकुलर समाज की खूब हजामत बना रहे हैं।
बिहार की न्याय व्यवस्था के भविष्य .... ला कालेज के दीक्षांत समारोह के में जनाब 'मुख्यातिथि ' थे। लगे हाथों सिंगोरा गांधी को ईमानदारी का 'भारत रत्न ' भी दे डाला ! बोले ! सोनिया बेईमान तो देश में नहीं कोई ईमानदार ! सिंगोरा जी की चका -चक सफेद साडी और लालू जी की ' राबड़ी ' में दाग़ ? .... नो वे ! केजरी की खांसी और कन्हैया की आज़ादी : गवाह हैं।
ईमानदारी -आज़ादी -देश द्रोह - राष्ट्र ध्वज पर एक नई इबारत लिखी जा रही है ..... ईमानदार वह जो भिखारी वोटरों के वोट बटोर ले .... बैगरज हैज़ नो चॉइस ! देश की बर्बादी का नारा बुद्धि जीवियों की आज़ादी हो गया। सुरक्षा में सेंध मारी अब देश द्रोह नहीं ! देश द्रोही अगस्ता चॉपर की ऊंचाइयां माप रहे हैं।
भिखारियों को लुभाने के लिए एक्सपर्ट नीतिकारों की सेवाएं खरीदी जा रही हैं। ... लोक तंत्र बाज़ारू रंडी की माफिक सज -धज कर सत्ता के दलालों में घिरा है .... सफेद साड़ी का ज़माना है .... बापू की धोती से बू आती है .... महात्मा गांधी .... सँगोरा गांधी हो गया है ..... ऊंची उड़ान को अगस्ता चॉपर खड़ा है !
बुधवार, 27 अप्रैल 2016
सँगोरा गांधी
सँगोरा गांधी
एल आर गांधी
भई हाज़मा हो तो ऐसा ..... यह सब हाजमोला का कमाल है ,जो इटली में नहीं मिलता ! तभी तो !अगस्ता उड़नखटोलों की खरीद में , खिलाने वाले इटली की वातानुकूलित जेल की ठंडी हवा खा रहे हैं ...... और हमारे यहाँ खाने वाले 'डकार ' तक नहीं ले रहे। एक -दो नहीं पूरे पांच नाम उजागर हो गए .... न खाएंगे और न खाने देंगे का सिंघनाद करने वाले 'सो ' रहे। जाग कर भी क्या कहेंगे .... यहाँ तो जेल का फाटक सत्ता के गलियारों में खुलता है .... देख लिया लालू जी का अंजाम ... बिहारिओं ने किंग मेकर बना डाला।
इंदिरा जी को भी जेल की हवा इसी मानिंद माफिक आई थी ..... इन्डियन वोटर उस भिकारी के समान है जिसकी अपनी कोई च्वाइस नहीं होती ...सब बिकता है !
पांच नामों में राजमाता का भी नाम है .... इतने सालों में यह इतालवयन भारतीय राजनीती के सभी हथकंडों में खूब माहिर हो गईं हैं .... कांग्रेसी इसे एक स्वर्णिम अवसर की भांति देख रहे हैं ....
कल टकसाली कांग्रेसी 'चोखी लामा' से जब हमने पूछा ...लामा जी अब तो इटली ने भी आपकी मैडम को घूस -खोर साबित कर दिया ! लामा तपाक से बोले ..... मियां अखबार ज़रा गौर से पढ़ो ! सँगोरा गांधी लिखा है।
एल आर गांधी
भई हाज़मा हो तो ऐसा ..... यह सब हाजमोला का कमाल है ,जो इटली में नहीं मिलता ! तभी तो !अगस्ता उड़नखटोलों की खरीद में , खिलाने वाले इटली की वातानुकूलित जेल की ठंडी हवा खा रहे हैं ...... और हमारे यहाँ खाने वाले 'डकार ' तक नहीं ले रहे। एक -दो नहीं पूरे पांच नाम उजागर हो गए .... न खाएंगे और न खाने देंगे का सिंघनाद करने वाले 'सो ' रहे। जाग कर भी क्या कहेंगे .... यहाँ तो जेल का फाटक सत्ता के गलियारों में खुलता है .... देख लिया लालू जी का अंजाम ... बिहारिओं ने किंग मेकर बना डाला।
इंदिरा जी को भी जेल की हवा इसी मानिंद माफिक आई थी ..... इन्डियन वोटर उस भिकारी के समान है जिसकी अपनी कोई च्वाइस नहीं होती ...सब बिकता है !
पांच नामों में राजमाता का भी नाम है .... इतने सालों में यह इतालवयन भारतीय राजनीती के सभी हथकंडों में खूब माहिर हो गईं हैं .... कांग्रेसी इसे एक स्वर्णिम अवसर की भांति देख रहे हैं ....
कल टकसाली कांग्रेसी 'चोखी लामा' से जब हमने पूछा ...लामा जी अब तो इटली ने भी आपकी मैडम को घूस -खोर साबित कर दिया ! लामा तपाक से बोले ..... मियां अखबार ज़रा गौर से पढ़ो ! सँगोरा गांधी लिखा है।
शनिवार, 23 अप्रैल 2016
सैकुलर शैतान -वोट बैंक प्रधान
सैकुलर शैतान बिहारी बाबू के निज़ाम का एक विचित्र रूप यह भी है .... आरा नगर निगम ने हनुमान जयंती के पवित्र पर्व पर ४. ३३ लाख की वसूली का कानूनी नोटिस ' हनुमान कुमार वल्द पवन कुमार हाल मुकाम आरा ' जारी कर दिया ...... नोटिस में साफ़ किया गया कि १५ दिन में कर अदा न किया गया तो कर वंचना की होर्डिंग लगा दी जाएगी। मुगलई टोपी पहिन कर सियासी जलसों में खुद को 'सेकुलरिज़्म ' का अलम्बरदार दर्शाने वाले मियां नतीश का नकाबपोश चेहरा बेनकाब हो गया।
दूसरी ओर सबको चोर और खुद को सत्यवादी हरिश्चन्द्र जी का साला कहने वाले दिल्ली के नवाब मियां केजरीवाल जी का 'चोर चोर चचेरे भाई ' का रूप देखिये। यूँ तो दिल्ली का बिजली विभाग बिल आदयगी की कोताही पर किसी भी 'मुफलिस' का कनेक्शन काट देता है। मगर मुगलिया टोपी धारी वोट बैंक की बात आती है तो जनाब की खांसी को लकवा मार जाता है !
बरसों से ज़ामा मस्जिद के इमाम साहेब ने बिजली का बिल नहीं भरा। बकाया ४ करोड़ का आंकड़ा पार कर गया .... है किसी में हिम्मत कि कोई नोटिस चस्पा कर दे .... ....... के नाम की होर्डिंग लगा दें ! दंगे हो जाएंगे ?
वक्फ बोर्ड और इमाम मस्जिद की मलकीयत पर 'भिड़े' हैं .... इधर इम्माम जो की रिकार्ड में वक्फ बोर्ड के वैतनिक कर्मचारी हैं , अड़े हैं ...मलकीयत दो तो बिल भरूंगा ! दूसरी ओर वक्फ बोर्ड अड़ा है , कब्ज़ा छोड़ो , बिल तो हम दे देंगे। मज़े की बात यह है कि वक्फ बोर्ड पर भी चंद मस्जिदों का २ करोड़ का बिजली बिल बकाया है !
सैकुलर शैतान बिहारी बाबू के निज़ाम का एक विचित्र रूप यह भी है .... आरा नगर निगम ने हनुमान जयंती के पवित्र पर्व पर ४. ३३ लाख की वसूली का कानूनी नोटिस ' हनुमान कुमार वल्द पवन कुमार हाल मुकाम आरा ' जारी कर दिया ...... नोटिस में साफ़ किया गया कि १५ दिन में कर अदा न किया गया तो कर वंचना की होर्डिंग लगा दी जाएगी। मुगलई टोपी पहिन कर सियासी जलसों में खुद को 'सेकुलरिज़्म ' का अलम्बरदार दर्शाने वाले मियां नतीश का नकाबपोश चेहरा बेनकाब हो गया।
दूसरी ओर सबको चोर और खुद को सत्यवादी हरिश्चन्द्र जी का साला कहने वाले दिल्ली के नवाब मियां केजरीवाल जी का 'चोर चोर चचेरे भाई ' का रूप देखिये। यूँ तो दिल्ली का बिजली विभाग बिल आदयगी की कोताही पर किसी भी 'मुफलिस' का कनेक्शन काट देता है। मगर मुगलिया टोपी धारी वोट बैंक की बात आती है तो जनाब की खांसी को लकवा मार जाता है !
बरसों से ज़ामा मस्जिद के इमाम साहेब ने बिजली का बिल नहीं भरा। बकाया ४ करोड़ का आंकड़ा पार कर गया .... है किसी में हिम्मत कि कोई नोटिस चस्पा कर दे .... ....... के नाम की होर्डिंग लगा दें ! दंगे हो जाएंगे ?
वक्फ बोर्ड और इमाम मस्जिद की मलकीयत पर 'भिड़े' हैं .... इधर इम्माम जो की रिकार्ड में वक्फ बोर्ड के वैतनिक कर्मचारी हैं , अड़े हैं ...मलकीयत दो तो बिल भरूंगा ! दूसरी ओर वक्फ बोर्ड अड़ा है , कब्ज़ा छोड़ो , बिल तो हम दे देंगे। मज़े की बात यह है कि वक्फ बोर्ड पर भी चंद मस्जिदों का २ करोड़ का बिजली बिल बकाया है !
गुरुवार, 21 अप्रैल 2016
बेचारी मुफलिस राजकुमारी
बेचारी मुफलिस राजकुमारी
एल आर गांधी
राज परिवार की एक मात्र राजकुमारी किराए के सरकारी मकान में मुफलिसी की जिंदगी गुज़ारने को मज़बूर है , हो भी क्यों न ! एक गरीब देश के हाकिम देश की गरीबी मिटाने में मशगूल रहे , अपने बच्चों के लिए कहाँ वक्त था उन्हें 'बापू' की माफिक ! प्योर गांधी वादी जो ठहरे।
सरकार ने परिवार की कुर्बनिओं को 'गौर ' से देखते हुए 'राजकुमारी को राजधानी के लुटियन जोन में एक सरकारी बांग्ला महज़ २,७६५ स्क्वेअर मीटर में सिमटा अलाट कर दिया और किराया ५३,४२१ रुपैया। मगर मुफलिस राजकुमारी मात्र ८८८८ रूपए ही दे पाई।
आखिर बेचारी राजकुमारी ने उस वक्त के पी एम अटल बिहारी वाजपाई को 'गुहार ' लगाई की इतनी भारी भरकम किराए की रकम अदायगी उसके 'बूते' की नहीं है। वाजपई जी ने 'परिवार ' की कुर्बानियों पर गौर फ़रमाया और ज़िंदा शहीद बिट्टा जी ,पंजाब में आतंकवाद से लोहा लेने वाले गिल साहेब और कांग्रेस भक्त अश्वनी की भांति राजकुमारी जी का किराया भी उनकी मांग और हैसियत के अनुसार कम कर दिया। वाजपेई जी ने भी नेहरू परिवार की 'कुर्बानियों ' के आगे 'नेताजी सुभाष चन्द्र बॉस बोस और आज़ाद हिन्द फौज को कोई तवज़्ज़ो नहीं दी !
वैसे आज राजकुमारी के सरकारी बंगले का मार्किट रेट ८१,८६५ /- प्रति माह है।
जिस प्रकार अंग्रेज़ों की समर राजधानी हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला थी उसी प्रकार नेहरू परिवार की राजकुमारी ने भी अपने लिए शिमला के निकट समर हॉलिडे 'आशियाना ' निर्माण के लिए २००७ में महज़ ४७ लाख रूपए में १ एकड़ (4.२५ बीघा ) का प्लाट ख़रीदा , जिसकी कीमत ५ साल पूर्व सवा चार करोड़ थी। मगर राजकुमारी अपने इस समर आशियाने से संतुष्ट नहीं .... उनको इसका डिज़ाइन पसंद ही नहीं आ रहा। इसे बार -बार बनाया और गिराया जा रहा है ....... अल्लाह करे जल्द ही राजकुमारी के सपनो का समर महल बन कर तैयार हो जाए और नेहरू परिवार की 'लाड़ली' किराए के कलंक से गर्मियों में ही सही निज़ात पा सकें !
एल आर गांधी
राज परिवार की एक मात्र राजकुमारी किराए के सरकारी मकान में मुफलिसी की जिंदगी गुज़ारने को मज़बूर है , हो भी क्यों न ! एक गरीब देश के हाकिम देश की गरीबी मिटाने में मशगूल रहे , अपने बच्चों के लिए कहाँ वक्त था उन्हें 'बापू' की माफिक ! प्योर गांधी वादी जो ठहरे।
सरकार ने परिवार की कुर्बनिओं को 'गौर ' से देखते हुए 'राजकुमारी को राजधानी के लुटियन जोन में एक सरकारी बांग्ला महज़ २,७६५ स्क्वेअर मीटर में सिमटा अलाट कर दिया और किराया ५३,४२१ रुपैया। मगर मुफलिस राजकुमारी मात्र ८८८८ रूपए ही दे पाई।
आखिर बेचारी राजकुमारी ने उस वक्त के पी एम अटल बिहारी वाजपाई को 'गुहार ' लगाई की इतनी भारी भरकम किराए की रकम अदायगी उसके 'बूते' की नहीं है। वाजपई जी ने 'परिवार ' की कुर्बानियों पर गौर फ़रमाया और ज़िंदा शहीद बिट्टा जी ,पंजाब में आतंकवाद से लोहा लेने वाले गिल साहेब और कांग्रेस भक्त अश्वनी की भांति राजकुमारी जी का किराया भी उनकी मांग और हैसियत के अनुसार कम कर दिया। वाजपेई जी ने भी नेहरू परिवार की 'कुर्बानियों ' के आगे 'नेताजी सुभाष चन्द्र बॉस बोस और आज़ाद हिन्द फौज को कोई तवज़्ज़ो नहीं दी !
वैसे आज राजकुमारी के सरकारी बंगले का मार्किट रेट ८१,८६५ /- प्रति माह है।
जिस प्रकार अंग्रेज़ों की समर राजधानी हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला थी उसी प्रकार नेहरू परिवार की राजकुमारी ने भी अपने लिए शिमला के निकट समर हॉलिडे 'आशियाना ' निर्माण के लिए २००७ में महज़ ४७ लाख रूपए में १ एकड़ (4.२५ बीघा ) का प्लाट ख़रीदा , जिसकी कीमत ५ साल पूर्व सवा चार करोड़ थी। मगर राजकुमारी अपने इस समर आशियाने से संतुष्ट नहीं .... उनको इसका डिज़ाइन पसंद ही नहीं आ रहा। इसे बार -बार बनाया और गिराया जा रहा है ....... अल्लाह करे जल्द ही राजकुमारी के सपनो का समर महल बन कर तैयार हो जाए और नेहरू परिवार की 'लाड़ली' किराए के कलंक से गर्मियों में ही सही निज़ात पा सकें !
बुधवार, 20 अप्रैल 2016
कांग्रेस का हाथ 'ददुआ ' के साथ !
कांग्रेस का हाथ 'ददुआ ' के साथ !
एल आर गांधी
इंदिरा जी किसी स्कूल -कालेज में नहीं जा पाईं ,शायद नेहरू जी के पास अपनी प्रियदर्शनी को किसी विद्यालय में दाखिला करवाने का 'वक्त ' ही नहीं था - देश की भारी भरकम पञ्च वर्षीय योजनाओं से फुर्सत ही कहाँ थी ?
अपने इस अधूरे सपने को इंदिरा जी ने पूरा करने की ठानी .... साल १९७६ में अपने कर्म क्षेत्र रायबरेली में एक कालेज , अपनी माँ कमला नेहरू जी के नाम पर खुलवाने की 'घोषणा' कर के .... लखनऊ -इलाहाबाद हाइवे -सिविल लाइन के चौराहे पर। कमला नेहरू एजुकेशन सोसाइटी को ५ बीघा भूमि कॉलेज के नाम पर अलाट कर दी गई !
इंदिरा जी गए ! राजीवजी आए। ... और चले गए अब सोनिया जी का जमाना है ..... सोनिया जी को भी यह कसक रही कि वह भी किसी स्कूल-कालेज का दीदार नहीं कर पाई .... २००४ में रायबरेली की एक चुनाव सभा में कांग्रेसी 'हाथ' उठा कर 'सिंह-नाद ' किया ' गांधी परिवार' के सपनों को पूरा किया जाएगा !
वैसे तो वह वायदा ही क्या ... जो वफ़ा हो जाए .... मगर राजमाता के खासमखास कमला नेहरू सोसाइटी के सचिव सुनील देव हवाई घोषणाओं को सीरियसली ले बैठे ... आनन-फानन में अरबों की नेहरू सम्पति को बीच चौराहे नीलाम कर दिया और वह भी 'कुख्यात डाकू ' ददुआ की भौजाई के हाथों , महज़ ९. ३० करोड़ के औने -पौने दामों में।
इसे कहते हैं 'कांग्रेस का हाथ 'ददुआ 'के साथ !
एल आर गांधी
इंदिरा जी किसी स्कूल -कालेज में नहीं जा पाईं ,शायद नेहरू जी के पास अपनी प्रियदर्शनी को किसी विद्यालय में दाखिला करवाने का 'वक्त ' ही नहीं था - देश की भारी भरकम पञ्च वर्षीय योजनाओं से फुर्सत ही कहाँ थी ?
अपने इस अधूरे सपने को इंदिरा जी ने पूरा करने की ठानी .... साल १९७६ में अपने कर्म क्षेत्र रायबरेली में एक कालेज , अपनी माँ कमला नेहरू जी के नाम पर खुलवाने की 'घोषणा' कर के .... लखनऊ -इलाहाबाद हाइवे -सिविल लाइन के चौराहे पर। कमला नेहरू एजुकेशन सोसाइटी को ५ बीघा भूमि कॉलेज के नाम पर अलाट कर दी गई !
इंदिरा जी गए ! राजीवजी आए। ... और चले गए अब सोनिया जी का जमाना है ..... सोनिया जी को भी यह कसक रही कि वह भी किसी स्कूल-कालेज का दीदार नहीं कर पाई .... २००४ में रायबरेली की एक चुनाव सभा में कांग्रेसी 'हाथ' उठा कर 'सिंह-नाद ' किया ' गांधी परिवार' के सपनों को पूरा किया जाएगा !
वैसे तो वह वायदा ही क्या ... जो वफ़ा हो जाए .... मगर राजमाता के खासमखास कमला नेहरू सोसाइटी के सचिव सुनील देव हवाई घोषणाओं को सीरियसली ले बैठे ... आनन-फानन में अरबों की नेहरू सम्पति को बीच चौराहे नीलाम कर दिया और वह भी 'कुख्यात डाकू ' ददुआ की भौजाई के हाथों , महज़ ९. ३० करोड़ के औने -पौने दामों में।
इसे कहते हैं 'कांग्रेस का हाथ 'ददुआ 'के साथ !
मंगलवार, 15 मार्च 2016
माँ भी काफिर .....
माँ भी काफिर .....
एल आर गांधी
पाक कप्तान अफरीदी ने भारत की मेहमान -नवाज़ी की तारीफ क्या कर दी .... पाक में तूफ़ान बरपा हो गया। कुछ लोगों ने तो अफरीदी को 'देशद्रोही ' तक कह दिया। पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद ने भी अफरीदी की खूब खबर ली .... चलो मियां मियांदाद की तकलीफ तो समझ में आती है , भारत के दुश्मन नम्बर एक दाऊद के समधी जो ठहरे ...जिसके कारण उनका भारत में प्रवेश निषेध है।
गले पर छुरी रख दो , फिर भी भारत माता की जय नहीं बोलूंगा ... इस्लाम के 'सच्चे ' पैरोकार असदुद्दीन ओबीसी, भारत में रहते हुए भारत माँ से 'नफरत ' ! इनके भाई अकबरुदीन को पाकिस्तानियों की तरह सभी हिन्दुओं से 'नफरत ' है ... कहते हैं १५ मिनट के लिए फ़ौज़ हटा दो सारे हिन्दुओं को 'निपटा ' देंगे। अब इनको देश द्रोही न कहें तो और क्या ?
हमारे राष्ट्रीय दल कांग्रेस के दत्तकपुत्र गुलाम नबी आज़ाद आर एस एस को विश्व के शीर्ष आतंकी संगठन आई इस के समान मानते हैं .... और इसकी पुष्टि दल की महारानी ने सन्देश पर 'उर्दू में दस्तक ' करके कर दी।
इसके पीछे इस्लाम की वही सोच है जिस में सभी गैर मुस्लिमों को 'काफिर' माना जाता है और काफिरों को मारना 'शबाब' का काम ! इनके नबी एक अर्से के बाद अपनी माँ की 'समाधि ' पर गए तो एक शिष्य ने पूछा ! माँ को जन्नत नसीब हो ! क्या अल्लाह से फरयाद नहीं करेंगे ? तो उन्होंने फ़रमाया ! नहीं वह काफिर थी !
ओबीसी साहेब के लिए भी भारत माँ काफिर है .... हलाल हो जाएंगे पर 'जय ' नहीं बोलेंगे !
एल आर गांधी
पाक कप्तान अफरीदी ने भारत की मेहमान -नवाज़ी की तारीफ क्या कर दी .... पाक में तूफ़ान बरपा हो गया। कुछ लोगों ने तो अफरीदी को 'देशद्रोही ' तक कह दिया। पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद ने भी अफरीदी की खूब खबर ली .... चलो मियां मियांदाद की तकलीफ तो समझ में आती है , भारत के दुश्मन नम्बर एक दाऊद के समधी जो ठहरे ...जिसके कारण उनका भारत में प्रवेश निषेध है।
गले पर छुरी रख दो , फिर भी भारत माता की जय नहीं बोलूंगा ... इस्लाम के 'सच्चे ' पैरोकार असदुद्दीन ओबीसी, भारत में रहते हुए भारत माँ से 'नफरत ' ! इनके भाई अकबरुदीन को पाकिस्तानियों की तरह सभी हिन्दुओं से 'नफरत ' है ... कहते हैं १५ मिनट के लिए फ़ौज़ हटा दो सारे हिन्दुओं को 'निपटा ' देंगे। अब इनको देश द्रोही न कहें तो और क्या ?
हमारे राष्ट्रीय दल कांग्रेस के दत्तकपुत्र गुलाम नबी आज़ाद आर एस एस को विश्व के शीर्ष आतंकी संगठन आई इस के समान मानते हैं .... और इसकी पुष्टि दल की महारानी ने सन्देश पर 'उर्दू में दस्तक ' करके कर दी।
इसके पीछे इस्लाम की वही सोच है जिस में सभी गैर मुस्लिमों को 'काफिर' माना जाता है और काफिरों को मारना 'शबाब' का काम ! इनके नबी एक अर्से के बाद अपनी माँ की 'समाधि ' पर गए तो एक शिष्य ने पूछा ! माँ को जन्नत नसीब हो ! क्या अल्लाह से फरयाद नहीं करेंगे ? तो उन्होंने फ़रमाया ! नहीं वह काफिर थी !
ओबीसी साहेब के लिए भी भारत माँ काफिर है .... हलाल हो जाएंगे पर 'जय ' नहीं बोलेंगे !
सदस्यता लें
संदेश (Atom)




