मंगलवार, 14 मई 2013

सिंह साहेब के शान्ति दूत

सिंह साहेब के शान्ति दूत 

    एल आर गाँधी

जब से सिंह साहेब को 'शरीफ साहेब' का न्योता आया है ..तब से बस ख़ुशी छुपाए नहीं छुपती ...शादी की शेरवानी 'चुस्त-दरुस्त ' करवाने भेज दी है ..मैडम ने भी नई साडिओं के आडर दे दिए हैं ...सेकुलर भोंपुओं ने शरीफ साहेब की शराफत के  कसीदे पढने शुरू कर दिए हैं ... और एक स्वर में पाक के नए रहनुमा को 'शान्ति-
दूत' या फिर बोले तो फ़रिश्ता ऐ अमन के खिताबों से नवाजना शुरू कर दिया है ...

पंजाबी की एक कहावत है 'नहाती धोती रह गई -मूंह  ते मक्खी बैह गई ' पुरानी शेरवानी अभी दरुस्त हो कर भी नहीं आई थी की 'खबर ' आ गई ...सिंह साहेब की अगवानी के लिए पूरी तयारी कर ली है .आइ एस आई ने ! और ट्रेलर के तौर पर  कश्मीर के लिए  'शांति के फ़रिश्ते ' भी रवाना  कर दिए गए हैं .. सिंह साहेब की हसरत हवा हो गई ...

सिंह साहेब ने तो दरिया दिली की सभी सरहदे तोड़-ताड़ कर गिलानी जी को भी 'शांतिदूत 'घोषित कर डाला  था।। मगर जब  इस शांति दूत ने अपने ' असली दांत ' दिखाए तो सिंह साहेब की हालत उस श्वान की सी हो गई जो बार बार अपनी की हुई ..... को चाटने को पलटता ही है . सयानों ने कहा है कि एक बार धोखा खाने वाले को मूर्ख नहीं कहते ..दूसरी बार खाने वाले को तो मूर्ख ही कहते हैं . और बार बार धोखा खाने वाले को फिर मूर्खों का सरदार ही कहेंगे न !....   और जो लोग सदियों से धोखे पर धोखे खाए चले जा रहे है ...उन्हें क्या कहें ?
   

सिंह साहेब के शान्ति दूत

सिंह साहेब के शान्ति दूत 

    एल आर गाँधी

जब से सिंह साहेब को 'शरीफ साहेब' का न्योता आया है ..तब से बस ख़ुशी छुपाए नहीं छुपती ...शादी की शेरवानी 'चुस्त-दरुस्त ' करवाने भेज दी है ..मैडम ने भी नई साडिओं के आडर दे दिए हैं ...सेकुलर भोंपुओं ने शरीफ साहेब की शराफत के  कसीदे पढने शुरू कर दिए हैं ... और एक स्वर में पाक के नए रहनुमा को 'शान्ति-
दूत' या फिर बोले तो फ़रिश्ता ऐ अमन के खिताबों से नवाजना शुरू कर दिया है ...

पंजाबी की एक कहावत है 'नहाती धोती रह गई -मूंह  ते मक्खी बैह गई ' पुरानी शेरवानी अभी दरुस्त हो कर भी नहीं आई थी की 'खबर ' आ गई ...सिंह साहेब की अगवानी के लिए पूरी तयारी कर ली है .आइ एस आई ने ! और ट्रेलर के तौर पर  कश्मीर के लिए  'शांति के फ़रिश्ते ' भी रवाना  कर दिए गए हैं .. सिंह साहेब की हसरत हवा हो गई ...

सिंह साहेब ने तो दरिया दिली की सभी सरहदे तोड़-ताड़ कर गिलानी जी को भी 'शांतिदूत 'घोषित कर डाला  था।। मगर जब  इस शांति दूत ने अपने ' असली दांत ' दिखाए तो सिंह साहेब की हालत उस श्वान की सी हो गई जो बार बार अपनी की हुई ..... को चाटने को पलटता ही है . सयानों ने कहा है कि एक बार धोखा खाने वाले को मूर्ख नहीं कहते ..दूसरी बार खाने वाले को तो मूर्ख ही कहते हैं . और बार बार धोखा खाने वाले को फिर मूर्खों का सरदार ही कहेंगे न !....   और जो लोग सदियों से धोखे पर धोखे खाए चले जा रहे है ...उन्हें क्या कहें ?
   

गुरुवार, 9 मई 2013

वन्देमातरम..... भारत माता की जय का गीत

वन्देमातरम 
भारत माता की जय का गीत 

   एल आर गाँधी

एक सांसद ने संसद में सरेआम राष्ट्रगीत का अपमान किया . जब सदन में राष्ट्रगीत गाया  जा रहा था तो बसपा के सांसद शफ़िक़ुर्रह्मान बर्क उठ कर चल दिए ..बाद में मियां बर्क ने साफ़ किया की राष्ट्र गीत इस्लाम के खिलाफ  है .लोकसभा अध्यक्षा ने सांसद के इस आचरण पर सख्त आपत्ति की और भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी भी दी .
दारुल उलूम और जमात उलेमा हिन्द राष्ट्रगीत के खिलाफ फतवा दे चुके हैं ...और सेकुलर सरकार इन इस्लामिक राष्ट्रविरोधी संस्थाओं द्वारा संचालित मदरसों को जहाँ देशद्रोही जेहादी तैयार किये जाते हैं , सरकारी ग्रांट मुहैया करती है .
यह वह  राष्ट्रगीत है जिसे गाते  हुए असंख्य शहीदों ने मौत को गले लगाया ...यह राष्ट्र की जीत का गीत है - जिसमें भारत माता  का जयघोष है . इसी लिए हमारे संविधान में राष्ट्र गान जन  गन मन  और राष्ट्र गीत वन्दे मातरम को समान सम्मान दिया गया है ....
क्या संविधान की अवमानना के लिए मियां बर्क पर देश द्रोह के लिए कानूऩी कार्रवाही की जाएगी ...हरगिज़ नहीं ....राष्ट्रीयता का स्थान अब वोट बैक और मुस्लिम तुष्टिकरण ने जो ले लिया है . तभी तो मीरा कुमार के अतिरिक्त शीर्ष सत्ता पक्ष में से किसी ने भी मियां बर्क की  इस देशद्रोही हरकत की निंदा नहीं की . करें भी कैसे कांग्रेस के ये नाता तो कभी के राष्ट्र के स्वाभिमान को बिसरा चुके हैं .
जो अपनी माँ  को नहीं मानते वे राष्ट्र माता -भारत माता को क्या मानेंगे ...जैसे आपातकाल में एक भडवे ने इंदिरा इज इण्डिया का नारा दिया था ..आज सभी खान्ग्रेसियो की बस एक ही ' राजमाता 'सब कुछ  है ... 

रविवार, 5 मई 2013

पवन जी की तूफ़ान मेल

पवन जी की तूफ़ान मेल 

   एल आर गाँधी

पटरी से उतरी तूफ़ान मेल की माफिक ड्योढ़ी में प्रवेश करते ही चोखी लामा बिफर पड़े ...अरे भई यह भी भला कोई बात हुई ..खाए भांजा और भरे मामा ..और इन बीजेपी वालों को तो बस हर बात पर इस्तीफ़ा चाहिए ..भांजे ने खाएं हैं तो भांजा भुक्ते ..मामा को क्यों सूली पर टांगने पर तुले हो ..सोनिया जी ने तो बांसल जी को क्लीन चिट दे दी ...अब बीजेपी जो चाहे उखाड़  ले ... हमने लामा की तूफ़ान मेल पर पावर ब्रेक लगाते हुए समझाया भई लामा इतिहास गवा है ..मामा -भांजे का तो सदियों से ३६ का आंकड़ा रहा है ..  मामा कंस  की कुंडली में तो भांजा कृषण अनादि काल से  काल-कुंडली मारे बैठा है  ..बेचारे पवन बंसल किसी तांत्रिक से इस काल -कुंडली का उपाए करवाएं .
यह कोई चीन थोड़े है जो २ ० ० ३ में रेल मंत्री रहे लियु झिजुन पर क्रप्शन के चार्ज लगते ही पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दें और रेल मंत्रालय का ही बोरी बिस्तर गोल कर दें ...हम विश्व के सबसे बड़े और विशाल लोक तंत्र हैं ..यहाँ सब कायदे से होता है ...फिर महज ९ ० लाख की बरामदगी भी ..छी : एक रेल मंत्री की क्या इतनी सी औकात है ...९ ० करोड़ या ९ ० ०  करोड़ होते तो हम भी मान लेते .
अब इन बीजेपी वालों को कौन समझाए ..वह दिन हवा हुए जब लाल बहादुर शास्त्री ने एक रेल दुर्घटना पर इस्तीफा थमा दिया था ..अब यदि दुर्घटनाओं और घोटालों पर इस्तीफे/कार्रवाही  होने लगें तो सिंह साहेब को अपनी केबिनेट मीटिंग 'तिहार' में बुलानी पड़  जाएं ... यह तो भला हो सोनिया जी का जो 'क्लीन चिट' हर वक्त अपने पर्स में तैयार रखती हैं .  

शनिवार, 4 मई 2013

आस्तीन के सांप या सेकुलर शैतान

आस्तीन के सांप या सेकुलर शैतान

          एल   आर  गाँधी

मनमोहन 'सिंह ' की मंत्रिमंडल में एक ऐसा भी सेकुलर शैतान है जिसे १९८४ के सिख विरोधी दंगों में सिखों पर हुए अत्याचार पर 'अत्यंत ही हर्ष और संतुष्टि हुई .
यह शैतान अपनी किताब 'एट होम इन इंडिया ' में सिख दंगों पर लिखता है कि ' मुसलमानों में अत्यंत ही हर्ष और संतुष्टि थी , वो विभाजन नहीं भूले थे . हिन्दू और सिख १९४७ के खुनी खेल के लिए भुगत रहे थे .

यह वही शैतान है , जब सीमा पर हमारे दो जवानो के पाक सैनिकों द्वारा 'सर कलम' किये गए और पूरे  देश में आक्रोश फैला था , पाक को सबक सिखाने की मांग पूरा राष्ट्र कर रहा था ....यह बतौर विदेश मंत्री पाक के वज़ीरे आला की मेहमान नवाजी में मसरूफ उसे बिरयानी खिला रहा था .

चीन ने हमारी सीमा का अतिक्रमण कर १५ कि .मी . अन्दर तक कब्ज़ा जमा लिया है और ये जनाब चीन यात्रा पर मेहमान बन कर जा रहे हैं ..शायद अपने राज परिवार के 'पञ्च शील ' और हिंदी चीनी भाई भाई के सन्देश की पुनरावृति करने .        

शुक्रवार, 19 अप्रैल 2013

भारत का भविष्य या भविष्य का भारत


ये मेरे देश की तस्वीर हैं ... जहां मेरा साईं भगवान सोने में लदा बैठा है ... मंदिर, मस्जिदों की उंचाइयां बढ़ रही हैं ... और देश का भविष्य गा रहा है सारे जहां से अच्छा .. हिन्दुस्तान हमारा .... सिर्फ शिकायत मत करो ...बदलाव का हिस्सा बनो..
 भारत का भविष्य या भविष्य का भारत
     एल आर गाँधी 

सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा ,
मदरसे पे छत नहीं है ,रौशन है कल हमारा ...
ज़ाहिर है यह एक सरकारी नर्सरी स्कूल है जहाँ भविष्य का भारत तालीम हासिल कर रहा है ...नौनिहाल बाकायदा ड्रेस में हाज़िर हैं और मिस पूरी तल्लीनता से जमींदोज़ दीवार पर टिके खस्ताहाल ब्लैकबोर्ड पर सफेद चाक से बच्चों को उज्जवल भविष्य से रूबरू करवा रहीं हैं ....बच्चो की मासूमियत और मिस के ज़ज्बे को सलाम .
३ ५ लाख के शौचालय में बैठ कर केंद्र के मौन्टेक सिंह जी ने १२ वीं पंच वर्षीय योजना में , देश के हर एक स्कूल को एक-एक जनाना -मरदाना देने का पूरा -पूरा इंतज़ाम किया है . अब केंद्र का बज़ट राज्य सरकार खुर्द बुर्द कर दे तो इसमें बेचारे मन- मौन सिंह या फिर  राजमाता का क्या कसूर है . 
हमारे संस्कारों व् संस्कृति में तालीम  के इन  इदारों को किसी मंदिर ,मस्जिद गुरद्वारे या चर्च से कम नहीं आँका जाता . एक ओर साईं बाबा को सोने के मुकटो से सजाया संवारा जाता है ..नगर- नगर गाँव गाँव मंदिर -मस्जिदों के मीनार नई नई बुलंदियों को छू रहे हैं और ये भ्रष्ट तंत्र से त्रस्त इदारे धुल धूसरित हुए जा रहे है . 
सवा सौ करोड़ के इस देश में  २४ लाख मंदिर,मस्जिद गुरद्वारे व् गिरजाघर हैं जहाँ पर हम हिंदुस्तानी अपने ईष्ट से अपने बच्चो के उज्जवल भविष्य  की दुआ मांगते हैं ... ६ लाख हस्पताल ,क्लिनिक व् डिस्पेंसरियां हैं जहा बीमार  समाज को दरुस्त-तंदरुस्त किया जाता है .. राष्ट्र के भविष्य बच्चो और युवाओं , जो  कुल आबादी का एक तिहाई हैं के लिए मात्र १५  लाख स्कूल कालेज हैं और इनमें ऐसे 'सरकारी आदर्श ' स्कूल भी अनगिनत हैं जहाँ नेहरु जी की पंच वर्षीय योजनाओं की सुख सुविधाओं की ब्यार अभी पहुंचनी बाकी है ....फिर भी २१ वी सदी के 'आदर्श स्कूल 'को सलाम !
    

मंगलवार, 16 अप्रैल 2013

राजमाता की सुरक्षा और निजता

राजमाता की सुरक्षा और निजता 

       एल आर गाँधी

बीडी के लम्बे कश सडकते चोखी लामा आग बबूला हुए चले आ रहे थे ...ड्योढ़ी में कदम रखते ही उबल पड़े ...ये असान्जे तो मुझे आर एस एस का आदमी लगता है ..यकीन नहीं तो इसकी पेंट खुलवा कर देखो ..शर्तिया अन्दर से खाकी नीकर निकलेगी . यह भी कोई बात हुई भला पहले राजीव जी के स्विस खाते फरोले और अब अपनी मुई विकीलीक पर मरहूम को स्वीडन की विमान  कंपनी का दलाल बता  डाला . कहता है कि कंपनी ने भारत को जंगी जहाज बेचने के लिए राजीव जी को दलाल बोले तो कमीशन एजेंट मुकर्र किया था ...
हमने चोखी को शांत  हुए कहा अरे मियां चोखी इसमें बीडी की माफिक  सुलगने की क्या बात है ..हमारे दिवेदी जी ने  तमाम खुलासे को खारिज तो कर दिया ...बुझ गई बीडी को फिर से सुलगते हुए लामा फिर सुलगने लगे अरे मियां ये तो सारे के सारे फिरंगी 'संघी ' हो गए हैं ...अभी पिछले दिनों एक विदेशी रसाले ने सोनिया जी को चौथा सबसे अमीर राजनेता बता डाला ...और फिरंगियो के देसी एजेंटों ने आर टी आर डाल कर सोनिया जी की
आय कर रिटर्न मांग ली ...
बीडी के जल कर ख़ाक हुए फोलक की माफिक हमने चोखी को फिर समझाने की नाकान जैसी कोशिश करते हुए बताया ...भई यह तो हर नागरिक को सोनिया जी के मनमोहन का दिया हक़ है ..और फिर सभी सांसद अपनी कमाई का  लेखा जोखा सार्वजनिक करने को पाबन्द हैं ....बीडी की आखिरी चिंगारी से उंगली जला बैठे लामा ने हाथ झटक कर भेद की बात समझाते हुए फ़रमाया ...मियां आय कर वालो ने भी कोई कच्ची गोलिया नहीं खेली ..सोनिया जी से पूछा  और टका सा जवाब दे दिया .....सुरक्षा और निजता भी चीज़ है कि नहीं !