मंगलवार, 16 जुलाई 2013

मैं सबसे बड़ा हिन्दू ...दिग्विजय सिंह उर्फ़ दिग्गी मियाँ

मैं सबसे बड़ा हिन्दू ...दिग्विजय सिंह उर्फ़ दिग्गी मियाँ 

                    एल  आर गाँधी


दिग्गी मियां को यका  यक याद आया कि वे तो हिन्दू हैं और लोग उन्हें खाम-खाह मियाँ दिग्विजय सिंह यानिके मुस्लिम परस्त मानते हैं ...सच में दिग्गी मियाँ हिन्दू ही हैं और सबसे बड़े हिन्दू .....
दिग्गी मियां मुसलमानों के हिन्दू हैं ..पर्शियन में हिन्दू शब्द का अर्थ है ...लफंगा ....चोर ...गुलाम ..अब इस्लाम परस्त दिग्गी मियाँ इन पर्शियन शब्दार्थो में से चुन कि वे क्या हैं ... 

शनिवार, 6 जुलाई 2013

श्रीनगर या शरिया नगर

                                          लाल चौक में कैलंडर शाप ..केवल इस्लामिक तस्वीरें
                                          
श्रीनगर का प्रसिद्ध लाल चौक   
                                                                            
                                                                श्रीनगर या शरिया नगर 
                       
                                                                       एल आर गाँधी                                             
                                                                     
                                  अख़बारों में श्रीनगर के लाल चौक की बहुत शौहरत  सुनी थी . बड़े बड़े आधुनिक शोरूम
कहीं से यह लगता ही नहीं था कि यह वही चौक है जहाँ चौक के बीचोबीच स्थित मीनार पर राष्ट्र ध्वज लहराने पर पकिस्तान परस्त जेहादी फसाद बरपा कर देते हैं ..हर साल मीनार पर पकिस्तान का झंडा फहराया जाता है ...सैलानी सभी कडवी -हकीकतों से बेखबर कश्मीरी साजो सामान की खरीद-फरोख्त में मशगूल थे . तभी हमारी नज़र एक कैलंडर शाप पर पड़ी ...फरक साफ़ हो गया ...देश भर  में आप किसी भी ऐसी शाप पर देखेंगे कि सभी धर्मों से बाबस्ता तस्वीरें  मिल जाएंगी जिनमें हिन्दू देवी देवताओं ,मुस्लिम मीनारों-कलमा ,सिख गुरुओं व् इसाई गाड इत्यादि .... मगर इस शाप पर केवल इस्लामिक कैलंडर थे यहाँ तक किसी सूफी पीर -फकीर की भी तस्वीर नहीं दिखाई दी.
ऐसे ही एक धार्मिक पुस्तकों की दूकान पर केवल इस्लामिक शरिया से बाबस्ता किताबें थीं ...जाहिर  है ... जहाँ दार -उल -इस्लाम है वहां दार- उल- हरब का क्या काम  ?
श्री नगर एयर पोर्ट पर 'नमाजियो के लिए ख़ास तौर पर नमाज़ एरिया '  !   कश्मीरियो पर तारी दारुल इस्लाम, जहाँ काफिरों की कोई वुक्कत नहीं ,सोच को ही दर्शाता है .
फिर भी श्री नगर में एक दूकान अभी तक मौजूद है जहाँ वैष्णव भोजन के तलबगारों की कतार लगी रहती है .. बाज़ार का नाम ही कृष्णा ढाबा पड़  गया है .कृष्णा वैष्णव भोजनालय के साथ ही ४  - ५ और वैष्णव ढाबे भी हैं , मगर कृष्णा ढाबे के लज़ीज़ शाकाहारी  खाने का जवाब नहीं .
केंद्र सरकार की अथाह  माली सहायता के सदके श्रीनगर की  सडकें ,बाज़ार और बागान बहुत आकर्षक हैं मगर  ऐतिहासिक  डल झील पर लगा सरकारी पैसा कहीं दिखाई नहीं देता ...डल झील के किनारों पर अवैध कब्जों  ने झील को एक गंदे छप्पड़ में तब्दील कर के रख दिया है . झील के बीचो बीच कायम बाज़ारों और चलती  फिरती शिकारा -शाप्ज़ ने झील को एक ऐसे बाज़ार में बदल दिया है जिसकी सफाई लगभग नामुमकिन है . बाकी कसर सैलानियों के लिए बने हॉउस -बोट्ज़  ने पूरी कर दी है ...सैकड़ों हॉउस-बोट्ज़ का मानव   निर्मित कचरा भी ज़ाहिर है झील के गर्भ में ही समता है  ...झील के सैलानियों पर अनगिनत कश्मीरियों की रोज़ी रोटी चलती है ..इस लिए सरकार भी बेबस नज़र आती है .
सड़कों पर दौड़ते थ्रीव्हीलर्ज़ और अन्य वाहनों को देख कर लगता है कि श्री नगर में ट्रैफिक रूल्ज़ नाम की कोई चीज़ नहीं कोई भी वाहन रेड लाईट पर नहीं रुकता ..सब आज़ाद है .लाल चौक के बीचोबीच फेहड़ी वालों की हकुमत है ..निजाम तो बस मूक दर्शक है.

   
      


गुरुवार, 4 जुलाई 2013

खाद्य सुरक्षा के बसते

खाद्य सुरक्षा के बसते 

एल आर गाँधी


बगल में तीन तीन बसते दबाये चोखी लामा फटे थैले सा मुंह लटकाए चले आ रहे थे . हमें मसखरी  सूझी ..और पूछ बैठे ..अरे चोखी मियां ये बच्चों के बसते उठाये इस उम्र   में कौन से स्कूल जा  रहे हो.  हमारी मसखरी चोखी मियां को नागवार गुजरी ! उत्तराखंड के बादल की भांति बिफर पड़े ...मियां पैसे वाले हो न इस लिए  राशन के थैले बसते नज़र आ रहे हैं .  हमने अनजान बनते  हुए फिर से पूछ डाला ...  भई चोखी यह सुबह सुबह कहाँ राशन बंट  रहा है ?
चोखी ने ताव खा कर एक थैले से चबूतरा साफ़ कर आसन जमाया और प्रशन चिन्ह सी आँखे तरेर कर पुछा आमिर जादो ! अखबार में खबरें भी देखते हो या सिर्फ निविदा सूचना पढ़ कर ही छोड़ देते हो . इतने मोटे शब्दों में छपा हैं खाद्य सुरक्षा बिल पास हो गया ..सोनिया जी के राज में अब कोई भूखा नहीं सोएगा ..३ रूपए किलो चावल  २ रूपए किलो गेहूं और १ रूपए किलो ज्वार और वह भी ५ किलो प्रति  जन ....और यह जनसंघी नन्द डिपू ही नहीं खोलता ...हफ्ते भर से चक्कर काट रहा हूँ .
जन वितरण प्रणाली के सैलाब में डूबे चोखी मिया को हमने सचाई से रूबरू करवाते हुए  बताया ..मियां डिपो तो हमारी चची शकुन्तला जी के नाम था चाचा जी कांग्रेस लीडर थे ,एक जलसे में जाते हुए दुर्घटना ग्रस्त हो गए और उनकी विधवा को कांग्रेस सरकार ने डिपो अलाट कर दिया था .चाची  जी पिछले महीने चल बसी अब डिपो अलाटमेंट पर राजनेता गोटियाँ भिड़ा रहे हैं ...कब किसके नाम लाटरी खुलेगी खुदा  जाने !
चोखी मियां के सर पर तो मानो ज्वारभाटा फूट  गया ...मुंह लटकाए घर को पलट गए ...राशन के खाली  थैले मेरे चबूतरे पर ही छोड़ गए  ....



बुधवार, 3 जुलाई 2013

श्री नगर या शरिया नगर



श्री नगर या शरिया नगर 

  एल आर गाँधी                                        


         
श्री नगर के एअरपोर्ट पर यात्रियों के लिए पांच बार नमाज़ की सुविधा के लिए विशेष तौर  पर 'नमाज़ एरिया 'बनाया गया है . देश के किसी भी प्रदेश या केंद्र शासित राज्य के एअरपोर्ट पर ऐसी सुविधा नहीं है . ज़ाहिर है जब से श्री नगर से नमाज़ न अता करने वाले 'काफिरों'को बेदखल कर नमाजियों का निजाम कायम हुआ है ,तब से नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस की सरकार ने कश्मीर विशेषत श्रीनगर में सेकुलर नियम कायदों को ताक  पर रख कर 'शरियाई '  निजाम ए मुस्तफा लागू कर दिया है . 
सैंकड़ों मंदिर मिस्मार कर दिए गए , मगर किसी सेकुलर शैतान ने उफ़ तक नहीं की ..और एक बियांवान मस्जिद गिराए  जाने पर चार-चार राज्य सरकारें गिरा  दीं  और कमीशन बिठा दिए। देश के जिस प्रदेश में 
भी निज़ाम ए मुस्तफा कायम होगा वहीँ पर सेकुलरिज्म की 'कश्मीरी' इबारत लिखी जाएगी और काफिरों को बेदखल कर उनके पूजा स्थलों को मिस्मार किया जाएगा . श्री नगर की तर्ज़ पर एअरपोर्ट पर नमाज़ के लिए 'नमाज़ एरिया' बनाया जाएगा .....


बुधवार, 26 जून 2013

श्री नगर या शरिया नगर




श्री नगर या शरिया नगर 
  एल आर गाँधी

श्रीमती जी की तीव्र इच्छा थी , एक बार 'देवभूमि' श्रीनगर की सुन्दर व् अलौकिक वादियों के भ्रमण की ...वादी में प्रवेश करते ही देव भूमि पर पसरा मज़हबी आतंक का क्रूर काला  साया ज़ेहन पर तारी होता गया ...ऊपर से तो सभी पर्यटकों के प्रति समर्पित दिखाई दे रहे थे किन्तु यथार्थ में हमें लूटने और सताने को सभी खुदा के बन्दे  एक जुट थे ...
गुलमर्ग के नज़ारे देखने की इच्छा सभी पर्यटकों में होती ही है . सो हम दोनों और साथ में गए मित्र दंपत्ति होटल से ही टैक्सी में गुलमर्ग के लिए चल पड़े ...सड़क के दोनों और निहायत ही खूबसूरत कुदरत के नजारे थे ...दो दिन के साथ ने ड्राईवर को भी कुछ कुछ 'मुखर' बना   दिया ....जब उसे पता चला की हम पंजाब से हैं तो कश्मीर और पंजाब के एक से 'हालात' पर अपने पके पकाए विचार व्यक्त करने लगा ...बोला ...एक बार तो खालिस्तान बन ही गया था ? मेरी प्रतिक्रिया के लिए 'जोहान' ने मेरी और देखा ...उसकी आँखों में नाकामी का मलाल साफ़ दिखाई दे रहा था ...हिन्दुस्तान की सेना की श्रीनगर में मौजूदगी पर भी उसे सख्त ऐतराज़ था ...बात चीत आगे बढ़ी तो पता चला की जेहान के और भी तीन भाई हैं सभी अनपढ़ हैं और उसी की भाँती छोटे मोटे काम करते है ...पढाई वही मौलवी के मदरसे तक .
गुलमर्ग का रास्ता और प्राकृतिक छटा अतुलनीय थी रास्ते में कई  स्थानों पर प्रकृति के मनमोहक दृश्यों को कैमरे में कैद किया ... गुलमर्ग के पहले और निकटम गेट के रास्ते में कुछ लोग खड़े थे ..उन्होंने गाड़ी को दूसरे   रास्ते से जाने का इशारा किया ...पूछने पर जोहान ने बताया की ये लोग घोडा गैंग से हैं ...निकट के गेट पर सवारी पैदल ट्राली हाट तक चली जाती है और उनके घोड़ों पर नहीं बैठती ...यदि कोई गाड़ीवाला नहीं मानता तो ये ड्राईवर और सवारियों को पीटते हैं और गाड़ी को भी नुक्सान पहुंचाते हैं ....जोहान ने हमें दूसरे गेट जो ट्राली से ३-४ किलोमीटर दूर था उतार दिया ...पहले रेन शूज़ और रेन कोट वालों ने घेरा ..किसी प्रकार उनसे पिंड चुदाया  तो घोड़े वाले पीछे पड गए ...मानो चार घोड़ों के १ २ ० ० रूपए बचा कर हम अमीर  सैलानी उनके पेट पर लात मार  रहे हैं ...रास्ते भर घोड़े पैदल यात्रियों पर गुर्राते नज़र आए ...गुड सवारों के लिए अलग से कच्चा रास्ता है ,फिर भी ये लोग सड़क से पैदल यात्रियों पर घोडा चढाते ..कश्मीरी भाषा में भद्दे तंज़ कसते जा रहे थे .
बहुत सारी गाडिया ट्राली तक जा रही थी .. अब समझ आया कि मियां जोहान भी अपने इन घोडा गैंग बिरादरी के साथ है .
२ घंटे ट्राली के लिए लाईन में लगे जबकि टिकट पहले ही आन लाईन बुक करवा ली थी ..लोकल घोडा गैंग बिना लाईन के खिड़की से अपने ग्राहकों के लिए टिकट ले रहे थे ..मनमाने 'चर्ज़िज़ ' एंठ कर ..लाईन के बिना एंट्री के अलग से चर्ज़िज़ थे ..हम 'हिंदुस्तानी' २ घंटे तक लाईन  में खड़े कश्मीरी कायदे -क़ानून की धारा  ३ ७ ०  ताकते रहे .
जेहान ने बताया था कि गुलमर्ग की पहाड़ी पर शाल बढ़िया सस्ते और टिकाऊ मिलते हैं ...ट्राली का रास्ता एक विदेशी कंपनी ने निर्मित किया था ...बहुत बढ़िया भी था ...गुलमर्ग की पहाड़ी पर चंद  शाल बेचने वाले मुल्लाओं से सैलानी महिलाएं मोल तोल कर रहीं थी ..हमारे सैलानी भी शाल देखने लगीं ..मियांजी अपने कश्मीर में बने सस्ते शालों की गर्मी का बखान कर ही रहे थे कि एक   महिला ने सारा गुड गोबर कर दिया।।यह कह कर कि ये तो चाईनीज़ शाल हैं ....

क्रमश




मंगलवार, 4 जून 2013

विज्ञापन की बोटी

विज्ञापन की बोटी 
  एल आर गाँधी

 जब से ५७० करोड़ से चुपड़ी भारत निर्माण  विज्ञापन   'बोटी'   हमारे मिडिया के  'वाच -डाग्ज़ 'को परोसी गयी है ..तब से मिडिया की सारी  की सारी 'घ्राण -शक्ति ' किरकिट की बाल ...बिंदु की चाल-ढाल और श्री का रुमाल सूंघने में लगी है .बेचारे केजरीवाल सिब्बल -वोडाफोन का ग्यारा हज़ार करोड़ का घोटाला अभी परोस ही रहे थे और 'बोटी' देख सभी वाच डाग्ज़ श्री के २ ० -५ ० लाख की चोरी चकारी पर पिल पड़े ...सिब्बल साहेब ने सुख की सांस ली ...देखते देखते चोर ही चौकीदार बन बैठे और किरकिट में व्याप्त भ्रष्टाचार पर कायदे-क़ानून समझाने लगे ...वाह रे भारत के चौथे खम्भे और उसके इर्द गिर्द चक्कर काटते और ' बोटी 'चाटते वाच -डाग्ज़ ....

पंजाबी की एक कहावत है 'चोर उचक्का चौधरी ...गुंडी रण प्रधान ' 

गुरुवार, 30 मई 2013

पाक और ईश-निंदा का अन्धकार

पाक और ईश-निंदा का अन्धकार 

      एल आर गाँधी

लगता है ईश -निंदा के नाम पर अनगिनत निर्दोष अल्पसंख्यकों पर किये जुल्मो-सितम. ,और इस्लामिक आतंक के सताये  मासूम लोगों की बददुआएं पाक को भविष्य में .अन्धकार के गर्त में डुबो देंगी .
पाक पर ज़बरदस्त बिजली संकट है ...१८ -१८ घंटे का पावर कट  आम बात है ...पिछले चुनावों में यह एक मुख्य मुद्दा था ...सत्ता के प्रमुख दावेदार मियां नवाज़ शरीफ अपने परम हितैषी चीन के हुक्मरान को पाक को बिजली संकट से उबारने में सहायता की बार बार गुहार लगा रहे हैं ...और चीन भी अपने दुश्मन के दुश्मन परम मित्र पाक को पावर क्राइसिस के इस अंधकूप से बाहर  निकलने में जी जान से लगा है .
ऐसे में ईश -निंदा का महादानव चीन की अँधेरा- हटाओ योजनाओं के बीच आ टपका है.  पाक अधिकृत कश्मीर में चल रहे  एनर्जी प्रोजेक्ट मनेज़र ली पिंग अकस्मात ही ईश -निंदा के आरोप में फंस गए ...हुआ यूँ कि ली पिंग का अपने ही विभाग के एक पाक अधिकारी डॉ . साजिद से कमरे का तकरार चल रहा था .. ली ने तैश में आ कर साजिद मियां का सामान कमरे से बाहर  फेंक दिया और सामान में उर्दू में लिखी 'कुरआन ' भी थी ....जैसे ही मुस्लमान कर्मचारिओं को कुरआन की तौहीन का पता चला ..ली की शामत आ गई और साजिद मियां को मौका मिल गया ली को सबक सिखाने का ...किसी तरहां ली को पुलिस ने लोगों के कहर से तो बचा लिया ..मगर ईश-निंदा के कानून के कहर से कौन बचाएगा ?
ईश निंदा की सजा मौत है ...पाक में इंसान का क़त्ल करके तो बचा जा सकता है ...ब्लड मनी चूका कर ..मगर ईश निंदा के दोषी की तो  बस अल्लाह ही खैर करे ...अब भविष्य में क्या कोई 'ली' चीन से,  पाक के अँधेरे में रौशनी की लौ जलाने  के लिए पाक आने का दुस्साहस कर पाएगा ?